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अफगान पुलिस की ट्रेनिंग रुकी

३ सितम्बर २०१२

अफगानिस्तान में अमेरिकी फौज ने स्थानीय अफगान पुलिस एएलपी में नए भर्ती हुए जवानों की ट्रेनिंग फिलहाल रोकने का फैसला किया है. नाटो सैनिकों पर हुए हाल के दिनों में हमलों की वजह से सैनिकों का एक दूसरे पर भरोसा कमजोर हुआ है.

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तस्वीर: picture-alliance/dpa

एएलपी एक नागरिक सेना है जिसे दो साल पहले अमेरिकी सैनिकों ने अफगानिस्तान के गांवों के लिए तैयार किया है. इन जगहों पर अफगानिस्तान की राष्ट्रीय पुलिस की पहुंच और ताकत उतनी नहीं जितनी की जरूरत है. एएलपी स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए खड़ी की गई, लेकिन वह ताकत के दुरुपयोग और व्यापक भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गई है.

Ausbildung Sicherheitskräfte Afghanistan NATO Programm
तस्वीर: picture-alliance/dpa

शरारती तत्वों की वजह से हुई गोलीबारी में इस साल अब तक 45 नाटो सैनिकों की जान जा चुकी है जिनमें 15 तो केवल पिछले महीने में मारे गए. यह हालत तब है जब नाटो गठबंधन इसे रोकने पर खास ध्यान रख रहा है और विदेशी सैनिकों के लिए हमेशा भरे हुए हथियार रखना जरूरी कर दिया गया है.

अमेरिकी सेना की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि वे एएएलपी के लिए चुने गए नए 1000 जवानों की ट्रेनिंग को अस्थायी रूप से रोक रहे हैं. इस दौरान वे लोग 16,000 की क्षमता वाली नागरिक सेना के अनुभव को मजबूत करने और उनके परीक्षण पर ध्यान देंगे. बयान में कहा गया है, "हमारा मानना है कि यह स्थानीय अफगान पुलिस को मजबूत करने और हमारी जांच प्रक्रिया के जरिए उनको बेहतर बनाने के लिए जरूरी है."

Afghanistan Polizei Herat
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स्थानीय अफगान पुलिस यानी एएएलपी के एक सदस्य ने पिछले महीने अमेरिकी स्पेशल फोर्स के दो सैनिकों को गोली मार दी थी. इसी तरह के दूसरे हमलों में तीन ऑस्ट्रेलियाई सैनिक इस हफ्ते मारे गए. इसे अंजाम देने के लिए आए आतंकियों ने अफगान सेना और पुलिस की ड्रेस पहन रखी थी. नाटो अफगानिस्तान की सेना और पुलिस को प्रशिक्षण दे रहा है. फिलहाल अफगानिस्तान में सेना और पुलिस की कुल संख्या करीब तीन लाख 50 हजार है.

एएलपी को खड़ा करना अमेरिकी सेना के प्रमुख जनरल डेविड पैट्रियस की सबसे बड़ी योजनाओं में से थी. उनकी जगह पिछले साल जनरल जॉन एलन ने अफगानिस्तान में विदेशी सेनाओं के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल ली. एलन का मानना है कि नाटो सैनिकों को मारने के एक चौथाई मामले तो तालिबान ने किए हैं जो अफगान सुरक्षा बलों में घुसपैठ करने में कामयाब हो गए हैं. बाकी घटनाओं के पीछे दूसरी वजहे हैं और इनमें लोगों की निजी दुश्मनी भी शामिल है.

अफगान सुरक्षा बलों के हाथों होने वाली हत्याएं नाटो के लिए चिंता की बड़ी वजह है. हाल के दिनों में इसमें तेजी आने से अमेरिकी योजना चौपट हो रही है. अमेरिका ने सभी विदेशी युद्धक सेनाओं के 2014 के खत्म होते होते वापसी की योजना बनाई है.

एनआर/एमजी (रॉयटर्स)

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