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मनोरंजन

क्या, बंद हो रहा है यूट्यूब?

इंटरनेट प्रेमियों और वीडियो के दीवानों के लिए एक अप्रैल की सुबह एक अचंभित कर देने वाली खबर आई. दुनिया के सबसे बड़े वीडियो साइट यूट्यूब ने एलान किया कि यह सिर्फ एक प्रतियोगिता का हिस्सा थी और यह आज बंद हो जाएगा. सच में?

इस खबर पर विश्वास करना नामुमकिन था लेकिन यूट्यूब ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिल कर यूट्यूब पर ही एक वीडियो अपलोड किया कि उनके पास अब सिर्फ कुछ घंटों का वक्त है कि वे यूट्यूब के वीडियो देख लें क्योंकि आधी रात के बाद इस साइट को बंद कर दिया जाएगा. कंपनी ने दावा किया कि 10 साल बाद 2023 में विजेता का नाम एलान किया जाएगा.

लोग हैरान परेशान रह गए, जब यूट्यूब ने दावा किया कि उन्होंने आठ साल पहले इस वेबसाइट को सिर्फ एक प्रतियोगिता के लिए खोला था ताकि दुनिया का सर्वश्रेष्ठ वीडियो खोजा जा सके.

यूट्यूब के वीडियो में कहा गया, "आखिरकार वह वक्त आ गया है कि विजेता को चुना जाए." कंप्टीशन डायरेक्टर बताए जाने वाले टिम लिस्टन का संदेश बहुत सरल था, "हम अंत के बेहद करीब आ चुके हैं. यूट्यूब डॉट कॉम अब किसी और वीडियो की इंट्री नहीं लेगा. आठ शानदार साल के बाद अब यह देखने का वक्त आ गया है कि हमारे पास जो भी वीडियो अपलोड किए गए हैं, उनकी समीक्षा की जाए और एक विजेता को चुना जाए."

यूट्यूब के सीईओ सालर कामांगर ने कहा, "हमने 2005 में यूट्यूब की स्थापना एक सरल उद्देश्य के लिए की थी कि दुनिया का सबसे अच्छा वीडियो कौन सा है." यूट्यूब के इस वीडियो में अलग अलग लोगों के इंटरव्यू शामिल किए गए, जिन्होंने इंटरनेट यूजर से अपील की कि वे आधी रात से पहले ज्यादा से ज्यादा वीडियो देख लें क्योंकि इसके बाद सब कुछ डिलीट कर दिया जाएगा.

लिस्टन ने बताया कि सर्वश्रेष्ठ वीडियो को चुनने का काम कुछ नामी फिल्मकार और टिप्पणीकार करेंगे. यूट्यूब को 2006 में दुनिया की सबसे बड़ी इंटरनेट कंपनी गूगल ने 1.65 अरब डॉलर में खरीद लिया था. कंपनी ने दो हफ्ते पहले ही दावा किया है कि दुनिया के एक अरब लोग यूट्यूब देखते हैं और इंटरनेट इस्तेमाल करने वाला हर दूसरा शख्स यूट्यूब पर आता है.

यूट्यूब ने गैरपेशेवर वेबसाइट को धीरे धीरे पेशेवर रूप देना भी शुरू कर दिया था, जिसमें अलग अलग तरह की प्रतियोगिताएं होती थीं. ऐसे में किसी को यह बात हजम नहीं हो रही थी कि यूट्यूब बंद करने की योजना कैसे बन सकती है.

वे एक बात भूल गए कि आज पहली अप्रैल है, यानी बेवकूफ बनाने का दिन.

एजेए/एनआर (एएफपी)

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