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दुनिया

इराक में यजीदी लोगों की दो सामूहिक कब्रें मिलीं

उत्तरी इराक में सिंजार के करीब इराकी यजीदियों की दो सामूहिक कब्रें मिली हैं. 2015 में सिंजार पर इस्लामिक स्टेट का दोबारा कब्जा होने के बाद वहां इस तरह की लगभग 30 सामूहिक कब्रें मिल चुकी हैं.

 

ये दोनों सामूहिक कब्रें एक दूसरे से 150 मीटर की दूरी पर मिली है. इनमें नौ-नौ यजीदी लोगों को दफन किया गया है. संदेह है कि इन लोगों की हत्या इस्लामिक स्टेट ने की. सिंजार के मेयर माहमा खलील ने बताया कि ये कब्रें उम अल-शबाबिक इलाके में मिली हैं. पेशमर्गा लड़ाकों को इलाके में एक खोजी अभियान के दौरान ये कब्रें मिलीं. इनमें हड्डियां और पहचान पत्र हैं.

कौन हैं यजीदी लोग, जानिए

लगता है कि इन लोगों को बुल्डोजर के जरिए रेतीली जमीन में दफन किया गया था. इन दोनों कब्रों को मिलाकर, सिंजार में आईएस का कब्जा होने के बाद अब तक मिनले वाली इस तरह की कब्रों की संख्या 29 हो गई है, जिनमें कम से कम 1,600 शव बरामद किए गए हैं. ऐसी और भी कब्रें हो सकती हैं.

आईएस ने सबसे पहले 2014 में इस इलाके पर कब्जा करने के बाद बहुत से यजीदियों को बंधक बनाया, गुलाम बनाया और उनकी हत्या की. अगवा किए लोगों के मामले देखने वाले एक कार्यालय का कहा है कि अब भी 3,500 यजीदी आईएस के नियंत्रण वाले इलाकों में रह रहे हैं, जिनमें से ज्यादातर महिला और बच्चे हैं.

कुर्द भाषा बलोने वाले यजीदी न तो मुसलमान और न ही अरब. उनके धर्म में मध्य पूर्व के कई प्राचीन धर्मों के विभिन्न पहलु का समावेश है. उनकी कई बातें मुसलमानों, ईसाइयों और पारसियों से मिलती हैं. इस्लामिक स्टेट समेत कई सुन्नी चरमपंथी संगठन उन्हें शैतान का उपासक मानते हैं.

दर दर यजीदी, देखिए

संयुक्त राष्ट्र ने यजीदी लोगों पर होने वाले अत्याचारों को नरसंहार का नाम दिया है. उसका कहना है कि यजीदी महिला और पुरूषों को आईएस जानबूझ कर अलग रख रहा है ताकि उनके बच्चे पैदा न हों. ज्यादातर सिंजार की पहाड़ियों के नजदीक ही रहते हैं और अभी उनकी आबादी चार लाख के आसपास बताई जाती है.

एके/ओएसजे (एएफपी, रॉयटर्स)

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