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दुनिया

ट्रैवल बैन लिस्ट में पाकिस्तान को भी शामिल करेंगे ट्रंप?

जब से अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सात मुस्लिम बहुल देशों पर वीजा पाबंदियां लगाई हैं, तब से पाकिस्तान के बारे में नई अमेरिकी सरकार की नीतियों को लेकर लगातार अटकलें लग रही हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद से ही पाकिस्तान समेत दुनिया भर के मुस्लिम देशों में ट्रंप को लेकर कई तरह की आशंकाए हैं. लेकिन अमेरिकी चुनाव में ट्रंप के समर्थन में "मुस्लिम्स फॉर ट्रंप" के बैनर तले मुहिम चलाने वाले साजिद तरार कहते हैं कि ट्रंप अमेरिका को सुरक्षित बनाने के लिए "कानूनी दायरों" में रह कर काम कर रहे हैं.

आतंकवादी खतरों से निपटने के लिए जिन सात मुस्लिम बहुल देशों के लोगों के अमेरिका में प्रवेश पर पाबंदी लगाई गई है उनमें पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं है. लेकिन आतंकवाद के सिलसिले में अकसर पाकिस्तान को लेकर सवाल उठते रहे हैं. एक तरफ पाकिस्तान पर भारत विरोधी आतंकवादी गुटों को समर्थन देने का आरोप लगता है, वहीं अमेरिका बार बार पाकिस्तान से हक्कानी गुट के खिलाफ कार्रवाई करने को कहता रहा है, जो अफगानिस्तान में कई हिंसक गतिविधियों में लिप्त रहा है.

देखिए कहां से आए अमेरिका में आतंकवादी

ऐसे में, जब साजिद तरार से पूछा गया कि क्या आने वाले दिनों में ट्रैवल बैन वाले देशों की सूची में पाकिस्तान का नाम भी शामिल हो सकता है तो उन्होंने कहा, "सात देशों के लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने वाला मामला अभी अदालत में है. जहां तक पाकिस्तान की बात है तो इस बारे में अभी अंदाजा लगाना मुश्किल है कि इस सूची में पाकिस्तान को शामिल किया जाएगा या नहीं. लेकिन हां, भविष्य में इस सूची को बढ़ाया जा सकता है. यह सब परिस्थितियों पर निर्भर करेगा."

अमेरिका और दुनिया भर में ट्रैवल बैन की आलोचना को साजिद तरार खारिज करते हैं. उन्होंने कहा, "डॉनल्ड ट्रंप जो कुछ भी कर रहे हैं, वह उनके वादों का हिस्सा था. उन्होंने सुरक्षित अमेरिका का वादा किया था. और वह उसे पूरा कर रहे हैं. हर देश को अपनी संपत्ति और अपने लोगों को सुरक्षित बनाने का हक है. वह संविधान और अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रह कर सब कुछ कर रहे हैं."

देखिए सबसे मुस्लिम-प्रेमी देश

"मुस्लिम्स फॉर ट्रंप" के चेयरमैन साजिद तरार कहते हैं कि पाकिस्तान अमेरिका का लंबे समय से सहयोगी रहा है, लेकिन अब पूरी तरह चीन की तरफ उसका झुकाव चिंता का कराण है. वह कहते हैं, "यह कोई दबी छुपी बात नहीं है कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच दो तीन मुद्दों पर मतभेद हैं. इनमें खासकर हक्कानी ग्रुप को समर्थन, चीनी आर्थिक कॉरिडोर और सीधे सीधे (पाकिस्तान का) चीन की तरफ झुकाव शामिल है."

साजिद तरार कहते हैं, "मेरे ख्याल में पाकिस्तान की सरकार के लिए यह जरूरी है कि वह अपनी विदेश नीति को दुरुस्त करे, अमेरिका पाकिस्तान संबंधों को संतुलित करने की कोशिश करे. अभी तो ये संबंध संतुलित नहीं हैं." उनके मुताबिक पाकिस्तान का पूरी तरह चीन के पाले में जाना चिंता का कारण है, न सिर्फ अमेरिका के लिए बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी.

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