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मंथन

उन्हें अपना घर जिंदा महसूस होता है

गायिका कैर्ट टोमिंगास और उनके पति उलर मार्क ने एस्टोनिया के गांव में अपना वीकेंड होम बनाया है. देखिए, कैसा है उनका यह आशियाना.

एस्टोनिया का उत्तरी तट. राजधानी तालिन से डेढ़ घंटे की ड्राइव पर लाहेमा नेशनल पार्क है. यहां के प्राकृतिक नजारों के बीच कुछ ऐतिहासिक गांव भी हैं, लकड़ी के परंपरागत घरों वाले. इन्हीं गांवों में से एक में समुद्र तट पर ना'टुरी में कैर्ट टोमिंगास और उला मार्क का घर है है. 1902 में बने कैप्टेन हाउस में उन्होंने अपना वीकएंड हाउस बनाया है. निचले माले पर छोटे छोटे कमरे. इनके बीच में है ड्रॉइंगरूम. पूरे घर की तरह पुराने फर्नीचरों का मिक्सचर. पांच साल की खोज के बाद उन्हें समुद्र के किनारे अपना सपनों का मकान मिला.

पेशे से एक्टर और गायिका कैर्ट टोमिंगास बताती हैं कि इस जगह को पाना वरदान जैसा है. वह कहती हैं, "ऐसा लगता है कि यह जगह भी हमें ढूंढ रही थी. सिर्फ ये नहीं कि आप एक जगह खोज रहे हैं बल्कि वह जगह भी आपको पुकारती है कि यहां आओ. हमें तुम्हारी जरूरत है."

देखिए, ये ऐसे घर ये वैसे घर

घर के सारे वॉलपेपर कैर्ट ने चुने हैं. वे कागज के हैं जिन्हें फिनलैंड की एक कंपनी ने बनाया है. टोमिंगास को गोल्ड, ब्लू और सफेद रंगों से प्यार है. वह इनसे जुड़ा महसूस करती हैं. वह कहती हैं कि सुनहरा रंग आपको किसी और दुनिया में ले जाता है, इसमें कुछ गंभीरता है, और कुछ मुझमें भी. इस घर ने कैर्ट टोमिंगास की रचनात्मकता को नए रास्ते दिखाए हैं. वह बताती हैं, "इतनी धुनें मेरे दिमाग में आती हैं जब मैं इस पियानो को बजाती हूं और समुद्र को देखती हूं. गाने अपने आप बनते जाते हैं."

घर के मालिक उलार मार्क बताते हैं कि दीवारों पर सौ साल पहले भी वॉलपेपर लगाया गया था. वह कहते हैं, "हमने दरवाजों को घिसकर साफ किया, लेकिन रंगा नहीं. सौ साल पहले हर कोई रंग करना पसंद करता था. क्योंकि रंग महंगे थे, आधुनिक थे. आजकल हम लकड़ी पसंद करते हैं, इसलिए रंगों को हटा दिया है."

बताइए, ऐसी जगहों पर घर बसाएंगे आप?

इस जोड़े ने यह मकान 2006 में खरीदा. दो साल तक चली मरम्मत के बाद उन्होंने यहां रहना शुरू किया. मार्क कहते हैं कि इस तरह के मकान हमेशा के लिए होते हैं क्योंकि उनमें हमेशा काम करना होता है. मार्क तो इसे एक जिंदा चीज की तरह देखते हैं. छत के

 

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