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दुनिया

'जरूरी हुआ तो' उत्तर कोरिया पर बल प्रयोग करेगा अमेरिका

अमेरिका का कहना है कि उत्तर कोरिया के इंटरकंटिनेंटल मिसाइल परीक्षण ने कूटनीति के रास्तों को संकरा कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र में अमरीका की राजदूत निक्की हेली ने तो उत्तर कोरिया के खिलाफ बल प्रयोग करने की बात कही है.

बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में निक्की हेली ने कहा कि इस परीक्षण ने दुनिया को और ज्यादा खतरनाक जगह बना दिया है. निक्की हेली ने कहा कि अमेरिका परमाणु ताकत वाले उत्तर कोरिया के कारण पैदा हुए खतरे से निपटने में बल प्रयोग करने के लिए भी तैयार है. अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सेना ने बुधवार को जापान सागर में कुछ मिसाइलें भी दागी हैं जो उत्तर कोरिया पर हमले की दिशा में उनका निशाना अचूक बनाने की तैयारी कही जा रही हैं. दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच एक सैन्य साझेदारी है जिसके तहत दक्षिण कोरिया की सुरक्षा के लिए 28.500 अमेरिकी सैनिक इलाके में तैनात हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के लिए ये परीक्षण एक नई चुनौती के रूप में सामने आये हैं. डॉनल्ड ट्रंप ने हालांकि इस आशंका को खारिज किया है कि उत्तर कोरिया के पास इस वक्त आईसीबीएम है. ट्रंप का कहना है, "ये नहीं होगा." हालांकि कुछ जानकारों का कहना है कि मंगलवार को हुए परीक्षण ने उत्तर कोरिया को अमेरिकी जमीन तक मार करने की क्षमता दे दी है जिसके लिए ये देश दशकों से कोशिश कर रहा था. ये और बात है कि इस परीक्षणों के बावजूद भी उसे इस तरह के हथियार का प्रयोग करने लायक सुविधा तैयार करने में कई साल लगेंगे.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में निक्की हेली ने कहा कि अमेरिका के पास "भरपूर सैन्य ताकत" है और "अगर जरूरी हुआ तो हम उनका इस्तेमाल करेंगे." हालांकि निक्की हेली के मुताबिक अमेरिका का ध्यान अभी उत्तर कोरिया के खिलाफ प्रतिबंधों का घेरा कसने पर है. इसके लिए अमेरिका जल्द ही प्रस्ताव पेश करेगा.

उत्तर कोरिया ने पहली बार 2006 में परमाणु हथियारों का परीक्षण किया था उसके बाद से उस पर अब तक छह तरह के प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं. उत्तर कोरिया के हथियार कार्यक्रम पर हालांकि इन प्रतिबंधों का कोई असर नहीं हुआ है. नये प्रतिबंध उन देशों को निशाना बना सकते है जो अब भी उत्तर कोरिया के साथ व्यापार कर रहे हैं, इसके अलावा तेल का निर्यात, वायु और जल मार्गों के प्रयोग को सीमित करना और अधिकारियों पर ट्रैवल बैन लगाया जा सकता है.

चीन उत्तर कोरिया का बड़ा कारोबारी साझीदार है. मंगलवार के परीक्षण के बाद भी चीन कोरिया सीमा पर ट्रकों की लंबी कतार है जिनमें भर कर उत्तर कोरिया से सामान आता है. सीमावर्ती शहर डांनडोंग के रास्ते ही उत्तर कोरिया का 70 फीसदी व्यापार होता है. यहां रहने वाले व्यापारियों, टैक्सी ड्राइवरों और दूसरे लोगों का कहना है कि व्यापार में कोई कमी नहीं आयी है.

नाम ना बताने की शर्त पर चीन के एक व्यापारी ने बताया, "उत्तर कोरिया से आने वाला सामान सस्ता होता है इसलिए हम लोगों को चीनी सामानों की तुलना में सस्ती कीमत पर सामान दे पाते हैं." यहां उपहारों की एक दुकान में काम करने वाले कर्मचारी ने बताया, "बीते कई सालों से यहां व्यापार एक ही रफ्तार से चला आ रहा है." डॉनल्ड ट्रंप ने बुधवार को आरोप लगाया कि चीन और उत्तर कोरिया के बीच व्यापार साल के पहली तिमाही में ही 40 फीसदी बढ़ गया है. हालांकि चीन ने इस साल फरवरी में उत्तर कोरिया से कोयले का आयात बंद कर दिया. उत्तर कोरिया से चीन का कुल आयात भी जनवरी के 20.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर से घट कर अप्रैल में 9.9 करोड़ डॉलर पर आ गया.

इस बीच, चीन ने एक बार फिर अमेरिका से उत्तर कोरिया के परीक्षणों पर रोक लगाने के बदले दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को रोकने की बात कही. अमेरिका ने इस मांग को खारिज कर दिया है. गुरुवार को दक्षिण कोरियाई लड़ाकू विमानों और नौसैनिक जहाजों से कई मिसाइलें अभ्यास के तहत दागी गयीं. दक्षिण कोरियाई नौसेना का कहना है कि इस अभ्यास में 15 जहाजों ने हिस्सा लिया जिसमें हैलीकॉप्टर और लड़ाकू विमानों के साथ 32000 टन का विध्वंसक जहाज भी शामिल था. मंगलवार के परीक्षण के बाद उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने कहा कि वह अपने हथियार कार्यक्रम पर कोई बातचीत नहीं करेंगे.

एनआर/एके(रॉयटर्स, एएफपी)

 

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