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दुनिया

इराक और सीरिया में मारे जा चुके हैं 50 हजार आईएस लड़ाके

अमेरिकी नेतृत्व में 2014 से सीरिया और इराक में जारी युद्ध में इस्लामिक स्टेट के 50 हजार से ज्यादा लड़ाकों को मारा जा चुका है.

एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि यह आंकड़ा भी बहुत कम करके बताया जा रहा है. इस अफसर ने कहा, "मैं इस तरह लाशों की गिनती में तो यकीन नहीं करता हूं लेकिन इतने लोग मारे जा चुके हैं कि दुश्मन पर घातक असर हुआ है." इस अधिकारी की बात सच हो सकती है कि मरने वाले लड़ाकों की तादाद 50 हजार से कहीं ज्यादा हो. अगस्त में ही लेफ्टिनेंट जनरल शॉन मैक्फारलैंड ने कहा था कि 45 हजार लड़ाकों को लड़ाई के मैदान से बाहर किया जा चुका है. वैसे अमेरिकी अधिकारी सही आंकड़ा देने से झिझकते रहे हैं. उनका कहना है कि आईएस फिर से भर्ती कर लेने की क्षमता रखता है. एक अफसर ने फॉक्स न्यूज से कहा, "इस बात का श्रेय तो उन्हें देना पड़ेगा. वे तुरंत जुट जाते हैं."

देखिए, आईएस ने 3000 साल पुराने शहर को कैसे किया बर्बाद

 

इराक में अमेरिकी सेना के प्रवक्ता एयरफोर्स कर्नल जॉन डॉरियन ने बताया कि इस वक्त जारी सैन्य अभियान के कारण आईएस के लड़ाकों की संख्या कम हो रही है. उन्होंने कहा, "बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. युवा लड़के हैं. कई तो किशोर ही हैं. इससे पता चलता है कि उनके पास संसाधनों की कमी होती जा रही है."

इराक के मोसुल में आईएस के खिलाफ सैन्य अभियान चल रहा है. अक्टूबर में शुरू हुए इस ऑपरेशन के बाद मोसुल का बड़ा हिस्सा खाली कराया जा चुका है. आईएस ने दो साल पहले इस शहर पर कब्जा किया था. अब जबकि वे पूर्वी हिस्से की ओर धेकेले जा चुके हैं तो उनकी तरफ से बहुत घातक और मजबूत जवाब मिल रहा है.

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि अगस्त 2014 में अमेरिकी फौजों के नेतृत्व में ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व शुरू होने के बाद से अब तक इराक और सीरिया में एक लाख 25 हजार छोटे बड़े हमले किए जा चुके हैं.

वीके/एके (एपी, रॉयटर्स)

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