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दुनिया

अमेरिका ने अफगानिस्तान में गिराया सबसे बड़ा बम

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने इस बात की पुष्टि की है कि अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट के ठिकाने पर सबसे बड़ा गैर परमाणु बम गिराया गया है.

पहली बार जीबीयू-43 बम का इस्तेमाल किया गया है जिसे "मदर ऑफ ऑल बम" भी कहा जाता है. अफगानिस्तान में तैनात अमेरिकी सेना ने एक बयान में कहा है कि नंगरहार प्रांत में गुरुवार को स्थानीय समय के अनुसार शाम 7.32 बजे सुरंगों वाले एक परिसर पर इस बम को गिराया गया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इस अभियान को "बहुत बहुत सफल" बताया है. पेंटागन ने बताया कि यह पहला मौका है जब जीबीयू-43 बी/मैसिव ऑर्डेनेंस एयर ब्लास्ट बम को कहीं गिराया गया है. जीपीएस निर्देशित इस बम में 11 टन विस्फोटक है.

यह बम पूर्वी अफगान नंगरहार प्रांत के आचिन जिले में गिरा. यह इलाका पाकिस्तान सीमा के बहुत करीब है. जिले के गवर्नर इस्माइल शिनवारी ने बताया कि बम मोमांड डेरा इलाके में गिरा. उनके मुताबिक, "मैंने आज तक इतना बड़ा धमाका नहीं देखा. पूरा इलाका ऊंची ऊंची लपटों में घिरा था."

हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि इस बम के कारण कितना नुकसान हुआ है. अमेरिकी सेना हालात का जायजा ले रही है. शिनवारी का कहना है कि इस धमाके के कारण बहुत से लोगों की जानें गयी होंगी. उनके मुताबिक, "अभी तक हमें हताहत होने वाले लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन चूंकि यह दाएश (आईएस) का गढ़ है तो हम समझते हैं कि दाएश के बहुत से लड़ाके मारे गए होंगे."

अफगानिस्तान में आईएस के लड़ाकों की संख्या 600 से 800 बतायी जाती है, जो मुख्यतः नंगरहार प्रांत में ही मौजूद हैं. आईएस के अलावा अमेरिकी सेना अफगान सरकार के साथ मिलकर तालिबान से भी लोहा ले रही है.

एके/आरपी (एएफपी,एपी,डीपीए)

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