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दुनिया

सबसे खूंखार हत्यारा बना किडनैप हुआ बच्चा

डोमिनिक ऑन्गवेन तब 10 साल का था. स्कूल के रास्ते से कुछ लोग उसे उठाकर ले गए थे. और फिर वह यूगांडा की क्रूर लॉर्ड्स रेजिस्टेंस आर्मी (एलआरए) का सबसे भयावह कमांडर बना.

अब 40 साल का हो चुका ऑन्गवेन इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट में मुकदमा झेल रहा है. खुद बाल सैनिक रह चुके ऑग्वेन पर सेक्स स्लेव रखने और बच्चों को हथियारबंद विद्रोही बनाने जैसे गंभीर आरोप हैं.

ऑन्गवेन को व्हाइट ऐंट कहा जाता है. ऑन्गवेन यूगांडा के विद्रोही जोसेफ कोनी की बनाई एलआरए का पहला नेता है जिसे आईसीसी के सामने पेश किया जा सका है. उसके माता-पिता स्कूल शिक्षक थे. एलआरए के विद्रोही उसका अपहरण कर ले गए थे. उसे बाल विद्रोही बना दिया गया. लेकिन हिंसा उसे ऐसी रास आई कि वह खुद भी हद दर्जे का खूंखार बन गया. यह उसके क्रूर होने का ही परिणाम था कि वह जल्दी ही एलआरए में महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचता गया. उसकी रणनीतिक क्षमताओं के चलते उसे आर्मी के चार ब्रिगेड्स में से एक का कमांडर बनाया गया. ऑन्गवेन पर नरसंहार, बलात्कार और अपहरण के दर्जनों आरोप हैं. हमेशा एके-47 थामे रखने वाले उसके सैनिकों ने हजारों बच्चों को अगवा किया है. लड़कों के हाथों में बंदूकें थमाई गईं जबकि लड़कियों को सेक्स स्लेव बनाया गया.

यह भी देखें: सबसे घातक आतंकवादी संगठन

एलआरए लोगों के अंग काटने के लिए भी बदनाम है. लोगों को सजा देने के नाम पर एलआरए के लड़ाके उनके नाक, कान और होंठ काट देते हैं. इस संगठन ने मध्य और पूर्व अफ्रीका के कई देशों में आतंकवाद के बीज बोये हैं. जनवरी में हुई एक सुनवाई में वकीलों ने आईसीसी को बताया था कि ऑन्गवेन एलआरए नाम की इस कुल्हाड़ी की धार है. 2002 और 2003 में उसने उत्तरी यूगांडा में कई नरसंहारों को अंजाम दिया है. इन नरसंहारों में हजारों लोगों को कत्ल किया गया था. इसके अलावा ऑन्गवेन पर डीआर कोंगो में आम नागरिकों पर बदले की कार्रवाई के तहत हमलों में अहम भूमिका निभाने के भी आरोप हैं. लेकिन बताया जाता है कि हाल के समय में ऑन्गवेन की संगठन में अहमियत कम हो गई थी. उसने एक अन्य कमांडर को मार डाला था जिसके बाद जोसेफ कोनी से उसके संबंध खराब हो गए.

जानें, कहां कहां बच्चों को दिए गए हथियार

 

एलआरए क्राइसिस ट्रैकर नाम की संस्था के मुताबिक ऑन्गवेन उत्तरी युगांडा के गुलू जिले का रहने वाला है. उसे उसकी बहादुरी के अलावा अस्थिर स्वभाव के लिए भी जाना जाता है. करीब एक दशक तक वह आईसीसी का वांछित अपराधी था. अमेरिका ने उस पर 50 लाख डॉलर का इनाम रखा था. जनवरी 2015 में उसने सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में अमेरिका की स्पेशल फोर्सेस के सामने आत्मसमर्पण किया. लंदन के प्रोफेसर मार्क कर्स्टन कहते हैं कि ऑग्वेन एक अपराधी भी है और एक पीड़ित भी. वह कहते हैं, "कब एक पीड़ित अपराधी हो जाता है और अपराधी पीड़ित बन जाता है? इन दोनों के बीच भेद की रेखा बहुत महीन है."

वीके/एके (एएफपी)

 

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