यातनाएं कारगर होती हैं: डॉनल्ड ट्रंप | दुनिया | DW | 26.01.2017
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दुनिया

यातनाएं कारगर होती हैं: डॉनल्ड ट्रंप

डॉनल्ड ट्रंप को लगता है कि कैदियों को यातनाएं देना कारगर तकनीक है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों के मुताबिक कुछ कड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं. एक तरफ उन्होंने मैक्सिको के साथ लगती सीमा पर दीवार बनाने का आदेश दे दिया है तो दूसरी तरफ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में यातनाएं देने को सही ठहराया है. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि आग के खिलाफ आग से ही लड़ना होगा.

ऐसी संभावना जताई जा रही है कि ट्रंप एक अध्यादेश जारी कर अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के उन यातनागृहों को फिर से शुरू करने का आदेश दे सकते हैं, जो ओबामा सरकार ने बंद कर दिए थे. 'ब्लैक साइट्स' के नाम से चर्चित इन केंद्रों में संदिग्ध आतंकवादियों से पूछताछ की जाती थी. इस पूछताछ के दौरान उन्हें बहुत ज्यादा प्रताड़ित किया जाता था. खासकर वॉटरबोर्डिंग जैसी यातनाओं के लिए ये केंद्र बदनाम थे, जो यातना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित तकनीक है. ट्रंप ने कहा है कि यातना काम करती है.

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अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने खबर दी है कि ट्रंप ब्लैक साइट्स के बारे में अध्यादेश जारी कर सकते हैं. हालांकि प्रवक्ता शॉन स्पाइसर से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "वॉशिंगटन पोस्ट व्हाइट हाउस का दस्तावेज नहीं है."

एबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि यातनाएं मददगार होती हैं. उन्होंने कहा, "जब वे हमारे और दूसरे लोगों के सिर काट रहे हों... जब आईएस ऐसे ऐसे काम कर रहा हो जिनके बारे में मध्य युग के बाद सुना तक ना गया हो, ऐसे में मैं वॉटरबोर्डिंग के बारे में क्या सोचता हूं? जहां तक मेरी राय है, आग के साथ हमें आग से ही लड़ना होगा." हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया है कि वह इस बारे में सीआईए और रक्षा मंत्रालय से राय लेंगे. उन्होंने कहा, "जैसा वे कहेंगे, मैं वही करूंगा. अगर वे ऐसा नहीं चाहते तो ठीक है. यदि वे चाहते हैं तो फिर मैं कुछ भी करूंगा. मैं वह सब करूंगा जो कानून की सीमाओं के भीतर किया जा सकता है." उन्होंने अपनी बात में जोड़ा, "क्या मुझे लगता है कि यातनाएं कारगर हैं? बेशक. मुझे लगता है ये कारगर होती हैं."

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वैसे सीआईए के नए प्रमुख माइक पोंपेओ पहले ही कह चुके हैं कि वह वॉटरबोर्डिंग को दोबारा शुरू करने के हक में नहीं हैं. अपनी नियुक्ति की पुष्टि के लिए जब वह सीनेट की कमेटी के सामने पेश हुए थे तो तब उन्होंने पूछताछ के लिए यातनाएं देने की तकनीकों को दोबारा इस्तेमाल करने से साफ इनकार किया था.

वीके/एके (एएफपी)

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