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दुनिया

जर्मनी में पेरिस हमले से जुड़े संदिग्ध गिरफ्तार

पेरिस हमले के तीन संदिग्ध जर्मनी में गिरफ्तार किये गए. पुलिस लंबे समय से संदिग्धों पर नजर रख रही थी. दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच में वो पकड़े गए.

जर्मनी के आतंरिक मामलों के मंत्री थोमस दे मेजियर के मुताबिक गिरफ्तार किये गये तीनों संदिग्ध इस्लामिक स्टेट के सदस्य हैं. उनके तार 15 नवंबर 2015 को पेरिस में हुए आतंकवादी हमले से जुड़े हैं. तीनों सीरियाई नागरिक हैं.

आंतरिक मामलों के मंत्री ने यह भी बताया कि तीनों संदिग्धों को इस्लामिक स्टेट ने यूरोप भेजा. संदिग्धों को यूरोप उन्हीं तस्करों ने पहुंचाया जिन्होंने पेरिस के हमलावरों को यूरोप में दाखिल करवाया था. संदिग्धों को मंगलवार तड़के गिरफ्तार किया गया. जर्मनी के संघीय अभियोजन कार्यालय ने एक बयान जारी कर बताया कि विशेष ऑपरेशन यूनिट GSG 9 ने मंगलवार तड़के छापे मारकर गिरफ्तारियां कीं. अभियोजन पक्ष के मुताबिक संदिग्धों की उम्र 17,18 और 26 साल है.

अब तक की जांच के मुताबिक तीनों नवंबर 2015 में जर्मनी आए. जांचकर्ताओं के मुताबिक संदिग्ध इस्लामिक स्टेट के आदेशों का इंतजार कर रहे थे. आतंरिक मामलों के मंत्री ने आशंका जताते हुए कहा कि तीनों "स्लीपर सेल" की तरह भी काम करने वाले हो सकते हैं. जांचकर्ताओं को लग रहा है कि 17 साल के माहिर अल-एच को सीरिया के रक्का में इस्लामिक स्टेट ने ट्रेनिंग दी. सितंबर 2015 में उन्हें हथियार चलाने और विस्फोटकों का प्रशिक्षण दिया गया. जांचकर्ताओं के मुताबिक ट्रेनिंग के महीने भर बाद यह तय किया गया कि माहिर दो अन्य संदिग्धों के साथ यूरोप जाएगा.

Karte Deutschland, Schleswig-Holstein, Hamburg, Berlin

श्लेसविग होलश्टाइन से गिरफ्तार किये गये संदिग्ध

जांचकर्ताओं को शक है कि तीनों को आईएस के प्रभाव क्षेत्र से बाहर हमले करने के लिए तैयार किया. तीनों को यूरोप पहुंचाने के लिए इस्लामिक स्टेट ने पासपोर्ट बनवाए. उन्हें बड़ी मात्रा में अमेरिकी डॉलर भी दिये गए. संदिग्धों को पहले से प्रोग्राम किये गए प्रीपेड टेलीफोन भी दिये गए. संदिग्ध तुर्की और ग्रीस के रास्ते जर्मनी पहुंचे.

दे मेजियर के मुताबिक तीनों संदिग्धों के पास जो दस्तावेज मिले हैं, वो वहीं छापे गए जहां पेरिस के हमलावरों के दस्तावेज छापे गए थे. अभियोजन पक्ष के मुताबिक अब तक जांच में यह साफ नहीं हुआ है कि संदिग्धों को किसी तरह के ठोस निर्देश मिले थे या नहीं. जर्मनी में प्रशासन को ऐसी 415 सूचनाएं मिली हैं, जो शरणार्थियों की आतंकी पृष्ठभूमि से जुड़ी हैं.

(ये हैं दुनिया के सबसे घातक आतंकवादी संगठन)

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