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दुनिया

मक्का के गवर्नर ने ईरान को दिया करारा जवाब

मक्का के गवर्नर ने हज यात्रा के प्रबंधन पर सवाल उठाने वाले ईरानी नेताओं को जबाव दिया है. प्रिंस खालेद अल-फैसल ने कहा है कि ईरान अरब लोगों को लेकर अपने गलत रवैया बदले.

सऊदी राजकुमार ने ईरान को चेतावनी दी है कि वे सऊदी अरब के खिलाफ सैन्य ताकत का इस्तेमाल करने की सोचे भी ना. सऊदी अरब की सरकार समाचार एजेंसी एसपीए ने सऊदी राजकुमार की टिप्पणी को प्रकाशित किया है.

इसमें कहा गया है कि इस साल हज यात्रा में जिस तरह सब कुछ व्यवस्थित तरीके से हुआ, वो सऊदी अरब के बारे में "फैलाए जा रहे सारे झूठों का जबाव है". पिछले साल हज यात्रा के दौरान भगदड़ में सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौत के बाद से सुन्नी बहुल सऊदी अरब और शिया बहुल ईरान के बीच इस मुद्दे को लेकर वाकयुद्ध चल रहा है. मारे गए लोगों में बहुत से ईरानी भी थे.

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एसपीए के मुताबिक पत्रकारों के माध्यम से प्रिंस खालेद ईरानी नेतृत्व को संदेश दिया, "मैं अल्लाह से दुआ करूंगा कि उन्हें सही रास्ता दिखाए और वो इराक, सीरिया, यमन और पूरी दुनिया में रहने वाले अपने मुसलमान भाइयों के प्रति अपना गलत रवैया बदलें."

उन्होंने कहा, "लेकिन अगर वो हम पर हमला करने के लिए सेना तैयार कर रहे हैं तो जो कोई हमें युद्ध के लिए मजबूर करता है, हम उस पर भारी पड़ते हैं. हम जब चाहें, अल्लाह के करम से हम किसी भी हमलावर को करारा जवाब देंगे और इस पवित्र धरती और अपने प्यारे देश की रक्षा करेंगे."

लेकिन ईरान के किसी भी बड़े नेता ने सऊदी अरब के साथ युद्ध की बात नहीं की है और दोनों देशों में से कोई भी ऐसा नहीं चाहता. लेकिन पिछले साल हज यात्रा के दौरान हादसा और जनवरी में एक सऊदी शिया धार्मिक नेता निम्र अल-निम्र की फांसी के बाद महीनों तक सऊदी अरब और ईरान में बयानबाजी होती रही.

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निम्र की मौत के बाद तेहरान में कुछ लोगों ने सऊदी दूतावास पर हमला किया, जिसके बाद सऊदी अरब ने वहां अपना दूतावास बंद कर दिया. ईरान के ताकतवर सुरक्षा बल रेवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि वो निम्र की मौत का बदला लेंगे.

इसी महीने हज शुरू होने से पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयोतुल्लाह अली खमेनेई ने पिछले साल हुए हादसे के लिए सऊदी अरब की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि इस हादसे में जो ईरानी मारे गए हैं, उनकी सऊदी अरब ने "हत्या" की है. उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने अरब दुनिया के संकटों में जो "अपराध " किए हैं, उनके लिए सऊदी अरब को माफ नहीं किया जा सकता है. सऊदी ग्रांड मुफ्ती ने इस आलोचना का जबाव देते हुए यहां तक कह दिया कि ईरानी नेता तो मुसमलान ही नहीं हैं.

एके/वीके (रॉयटर्स)

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