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दुनिया

रेस्तरां में टेबल साफ कर रही है ओबामा की बेटी

दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स की बेटी एक रेस्तरां में काम कर रही है. वो ग्राहकों को मछली देती है और टेबल पर पोछा भी मारती है.

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की छोटी बेटी नताशा ओबामा इन दिनों समर जॉब कर रही हैं. राष्ट्रपति निवास व्हाइट हाउस में आठ साल बिताने के बाद साशा बोस्टन शहर के एक रेस्तरां में काम कर रही हैं. नैन्सीज नाम के रेस्तरां में काम करने वाले एक शख्स के मुताबिक राष्ट्रपति की बेटी के साथ काम करने पर बड़े नए अनुभव हुए, "हम हैरान थे कि छह लोग इस लड़की की मदद क्यों कर रहे हैं, बाद में असलियत का पता चला." असल में अमेरिकी खुफिया सर्विस के छह एजेंट नताशा की सुरक्षा का ख्याल रखते हैं. एजेंट कामकाज में कोई दखल नहीं देते हैं, वे रेस्तरां के बाहर एक बेंच पर बैठे रहते हैं.

नैन्सीज रेस्तरां ओबामा परिवार के पसंदीदा रेस्तरांओं में से एक है. ओबामा की छोटी बेटी वहां के माहौल से अच्छी तरह वाकिफ है. कई बार मेहमान के तौर पर इस रेस्तरां में जा चुकी नताशा फिलहाल वहां नीले रंग की टीशर्ट और कैप में काम करती हैं. रेस्तरां साढ़े ग्यारह बजे खुलता है. लेकिन तब तक नताशा चार घंटे काम कर चुकी होती हैं.

देखिये: एक नजर ओबामा की निजी पलों पर

मंगलवार को शिफ्ट खत्म होने से ठीक पहले नताशा ने सिक्योरिटी एजेंटों के लिए खाना लिया और फिर वह एसयूवी में बैठकर घर निकल गईं.

राष्ट्रपति और प्रथम महिला होने के बावजूद ओबामा दंपत्ति ने अपनी दोनों बेटियों की परवरिश बड़े सामान्य ढंग से की है. एक टीवी इंटरव्यू के दौरान मिशेल ओबामा ने कहा कि बेटियों का जमीन से जुड़ा रहना बहुत जरूरी है. ओपरा विनफ्री से बातचीत में अमेरिका की प्रथम महिला ने कहा, "पहली बार मैंने उन्हें सीक्रेट सर्विस एजेंटों की कार में बैठाकर कर स्कूल भेजा तो मैं उन्हें जाते हुए देखती रही. और मैंने सोचा कि मैं इन बच्चों के साथ क्या कर रही हूं." बड़ी बेटी मालिया और छोटी नताशा की परवरिश की जिक्र करते हुए मिशेल ओबामा ने यह भी कहा वह अपनी दोनों बेटियों को आम अमेरिकी समाज का हिस्सा मानती हैं.

वैसे दुनिया के पिछड़े या विकासशील देशों को छोड़ दे तो ज्यादातर विकसित देशों में राष्ट्रपतियों या प्रधानमंत्रियों के बच्चे एक सामान्य जिंदगी जीते हैं. राष्ट्रप्रमुखों के बच्चों को देखकर लगता ही नहीं कि वह किसी अलग दुनिया में रहते हैं. हालांकि भारत, पाकिस्तान, नेपाल, रूस और ब्राजीलियाई नेताओं के बच्चे खास बच्चों की तरह बड़े होते हैं.

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