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दुनिया

रूस में विपक्षी नेता को जेल, सैकड़ों लोग गिरफ्तार

रूस में विपक्षी नेता अलेक्सी नवाल्नी को 30 दिन कैद की सजा हुई है. अदालत ने अनाधिकृत प्रदर्शनों का आयोजन करने के लिए उन्हें यह सजा सुनायी है. दूसरी तरफ, देश भर में प्रदर्शन के बाद उनके 1,500 समर्थक गिरफ्तार किये गये हैं.

अदालत ने उन्हें बार बार विरोध प्रदर्शन के आयोजनों से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया. इससे पहले वह मार्च में भी सरकार विरोधी प्रदर्शन कर चुके हैं. नवाल्नी अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेना चाहते हैं. खासकर, इंटरनेट और सोशल मीडिया पर जारी उनकी अपील पर हजारों युवा सड़कों पर उतरे और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया.

नवाल्नी की प्रवक्ता कीरा यारमिश ने ट्विटर पर लिखा कि 41 वर्षीय नवाल्नी को अनाधिकृत प्रदर्शन के आयोजन का दोषी करार दिया गया है और सजा के तौर पर उन्हें एक महीने तक प्रशासनिक हिरासत में रखा जायेगा.

उधर ओवीडी इंफो नाम के एक मानवाधिकार समूह ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि सोमवार को देश भर में हुए प्रदर्शनों के दौरान नवाल्नी के डेढ़ हजार से ज्यादा समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से 823 लोगों की गिरफ्तारी राजधानी मॉस्को में हुई जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठी चार्ज का सहारा भी लिया. जब दंगा नियंत्रक पुलिस प्रदर्शनकारियों को गाड़ियों में लेकर जा रही थी तो और "शर्म करो”, "पुतिन चोर है” और "नवाल्नी को रिहा करो” के नारे लगा रहे थे. इसके अलावा 600 लोग पीटर्सबर्ग में गिरफ्तार किये गये हैं जबकि व्लादिवोस्तोक, कालिनिनग्राद, नोरिल्स्क और सोची जैसे शहरों में लगभग 100 लोग गिरफ्तार किये गये हैं.

अमेरिका ने इन गिरफ्तारियों की आलोचना किया की. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता सीन स्पाइसर ने पुतिन की सरकार से कहा है कि देशव्यापी मार्च के दौरान गिरफ्तार किये गये लोगों को तुरंत रिहा किया जाये. खुद नवाल्नी मॉस्को में होने वाले प्रदर्शन के लिए जाते समय गिरफ्तार किये गये. यूरोपीय संसद के अध्यक्ष एंटोनियो तय्यानी ने नवाल्नी की गिरफ्तारी को लेकर चिंता जाहिर की है जबकि यूरोपीय संघ के एक प्रवक्ता ने "शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे" सैकड़ों लोगों की गिरफ्तारी और उन पर हिंसा इस्तेमाल किए जाने की निंदा की है.

पुतिन सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले नवाल्नी के वीडियो प्रशासन की मुश्किलों को बढ़ा रहे हैं और लोगों में सरकार के खिलाफ रोष बढ़ा रहे हैं. मार्च में जारी एक वीडियो में नवाल्नी ने प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव पर आरोप लगाया कि वह जाली संस्थाओं के माध्यम से निजी संपत्ति जमा कर रहे हैं. इस वीडियो को 2.2 करोड़ बार देखा गया है. एक 41 वर्षीय प्रदर्शनकारी ने कहा, "पुतिन 17 साल से सत्ता में हैं और हटने का उनका कोई इरादा नहीं है. उन्होंने सारी सत्ता अपने हाथ में ले रखी है.”

नवाल्नी अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में पुतिन को टक्कर देना चाहते हैं, लेकिन इसकी कम ही उम्मीद है कि उन्हें चुनाव में खड़ा होने दिया जायेगा क्योंकि अतीत में उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों में दोषी करार दिया गया है. हालांकि नवाल्नी ऐसे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हैं.

एके/आरपी (एएफपी, डीपीए)

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