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विज्ञान

अस्पताल में सर्जरी से खाना लाने तक सब काम संभाल रहे हैं रोबोट्स

क्या आप बीमार होने पर अपना या अपने किसी करीबी का ऑपरेशन रोबोट से करवाने को राज़ी होंगे? जर्मन शहर बोखुम में तो रोबोट हॉस्पिटल स्टाफ का हिस्सा बन गए हैं.

वे मरीजों के लिए खाना पहुंचाने से लेकर बड़ी से बड़ी सर्जरी करने के काम बखूबी कर रहे हैं. लेकिन ऐसा भी नहीं कि अब इंसानों की जरूरत नहीं रहेगी इसीलिए तो किसी को भी नौकरी से नहीं निकाला गया.

बोखुम के ऑगुस्टा अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में सर्जन और नर्सों के अलावा एक रोबोट भी होता है. उसका नाम दाविंची है और वह इंसानों से कहीं बेहतर तरीके से औजारों का इस्तेमाल कर सकता है. चीफ सर्जन बेनो मान रोबोट को गाइड करते हैं. उनकी हर हरकत का संकेत मरीज के शरीर पर काम कर रहे रोबोट को मिलता है और वहे एकदम सटीकता से इंसानी शरीर के अंदर औजारों से चीर-फाड़ करता चला जाता है, बिना थके. तो क्या बेन मान की जरूरत नहीं रही? वह कहते हैं, "मैं हमेशा से सर्जन था और वही रहूंगा भी. रोबोट मेरे काम को आसान बनाता है और वह वही करता है जो मैं कराना चाहता हूं, वह भी शरीर में एकदम सटीक तरीके से. यदि मैं परंपरागत तरीके से ऑपरेशन करूं तो आप समझ सकते हैं कि दो तीन घंटे के बाद मैं उतनी अच्छी तरह काम नहीं कर सकूंगा. तब आप डगमगाने लगते हैं, थरथराने लगते हैं. ये सब यहां नहीं होता."

देखिए इंसान है या रोबोट?

 

जब दाविंची ऑपरेशन में डॉक्टर बेनो की मदद कर रहा है, उसी वक्त अस्पताल के किचन में भारी आपाधापी है. यहां हर दिन 1,200 लोगों का खाना बनता है. खाने की ट्रे सही जगह तक पहुंचाना भी रोबोटों की जिम्मेदारी है. वे अस्पताल के लंबे गलियारों से होते हुए इन्हें वॉर्ड तक ले जाते हैं, बिना किसी मदद के.

ट्रांसपोर्ट-रोबोट लोगों से बचते हुए आगे बढ़ते हैं और अपने लक्ष्य तक पहुंचने का सही रास्ता खोज लेते हैं. जैसे ही रोबोट वॉर्ड में पहुंचते हैं नर्सों को सूचना मिल जाती है कि खाना बांटने का वक्त हो गया. नर्स कात्या आर्न्स बताती हैं, "बहुत से मरीजों को यह बहुत ही मजेदार लगता है. वे रोबोट के आने का इंतजार करते हैं और पूछते भी हैं कि खाना कब आएगा ताकि वे रोबोट को खाना लाते देख सकें."

कितनी नौकरियां रोबोट को जाएंगी, जानिए 

ट्रांसपोर्ट रोबोट की मदद से अस्पताल ने 20 रोजगार बचाए हैं. सिर्फ आंकड़ों में, क्योंकि किसी को निकाला नहीं गया. अस्पताल की एचआर प्रमुख मोनिका बोर्गग्रेवे कहती हैं, "आजकल प्रशिक्षित नर्स का मिलना बहुत मुश्किल है. और यदि उनसे वह काम लिया जाए जो मरीज की देखभाल से संबंधित नहीं है, जैसे कि खाना ट्रांसपोर्ट करना, तो ये गैरजरूरी काम है. ऐसे में सोचना होता है कि यह काम कौन कर सकता है. इस तरह हमने इस काम को बस ट्रांसफर कर दिया है."

जल्द ही यहां ब्लडप्रेशर या टेम्परेचर मापने जैसे कामों में रोबोटों की मदद ली जाएगी. नर्स टेम्परेचर मापेगी और रोबोट उसे स्वचालित तरीके से डॉक्युमेंट करेगा. नर्सों के पास अपने मरीजों के लिए ज्यादा समय होगा.

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