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दुनिया

हज यात्रा पर भी उलझे खाड़ी देश

खाड़ी देशों की तनातनी का असर अब हज यात्रा पर भी दिख रहा है. कतर ने आरोप लगाया है कि सऊदी अरब उसके नागरिकों की हज यात्रा में अड़चनें पैदा कर रहा है.

सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मिस्र ने जून में कतर पर आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाते हुए उससे अपने राजनयिक रिश्ते तोड़ लिये थे. इस संकट को सुलझाने के लिए लगातार कोशिशें हो रही हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान निकलता नहीं दिख रहा है. इस संकट के चलते अब कतर के लोगों की हज यात्रा भी प्रभावित हो सकती है.

कतर ने संयुक्त राष्ट्र में दी गयी अपनी एक शिकायत में कहा है कि सऊदी अरब कतर के लोगों की प्रस्तावित हज यात्रा में बाधाएं डालने की कोशिश कर रहा है. कतर के मुताबिक उसके नागरिकों को बताया गया है कि वे सिर्फ दो हवाई अड्डों के जरिए सऊदी अरब में दाखिल हो सकते हैं और दोहा से होकर आने पर ही उन्हें सऊदी अरब में प्रवेश दिया जाएगा. इसका मतलब है कि कतर के जो लोग दोहा में नहीं रहते, उन्हें सीधे मक्का पहुंचने की अनुमति नहीं होगी. विदेशों में रह कर पढ़ाई या कारोबार करने वाले कतर के लोगों को इससे परेशानी हो सकती है.

दूसरी तरफ, सऊदी अरब के विदेश मंत्री अदेल अल-जुबैर ने कतर के आरोपों को खारिज किया है और संयुक्त राष्ट्र में की गयी शिकायत को "एक आक्रामक कदम और युद्ध की घोषणा" बताया है. उन्होंने कहा कि कतर इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र स्थलों के प्रबंधन में हस्तक्षेप कर रहा है.

उन्होंने सऊदी अरब के सरकारी चैनल अल अरबिया से कहा कि कतर के साथ तनाव के बावजूद सभी मुसलमानों का हज यात्रा के लिए स्वागत है और सऊदी अरब इस बारे में सुचारू रूप से सभी प्रबंध करेगा.

वहीं इस्लामी मामलों से जुड़े कतर के मंत्रालय का कहना है कि वह हज यात्रियों का रजिस्ट्रेशन रोक रहा है, क्योंकि सऊदी अरब ने "कतर से बात करने और उसके 20 हजार रजिस्टर्ड हज यात्रियों की सुरक्षा की गारंटी देने से मना कर दिया है". दूसरी तरफ, कतर के विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान ने इन आरोपों से इनकार किया है कि कतर इस मामले को भड़का रहा है. उनके मुताबिक, "जो किया है सऊदी अरब ने किया है."

इस बीच, सीरिया ने भी सऊदी अरब पर हज यात्रा का "राजनीतिकरण" करने का आरोप लगाया है. सीरियाई सरकार का कहना है कि सऊदी अरब हज यात्रा पर जाने वाले सीरियाई लोगों पर पाबंदियां लगा रहा है. सीरिया के धार्मिक मामलों के मंत्रालय के मुताबिक सऊदी अरब हज यात्रा का राजनीतिक और वित्तीय फायदा उठाता है.

सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार के साथ सऊदी अरब के कोई संबंध नहीं हैं. सीरियाई लोगों को 2012 से किसी तीसरे देश से वीजा लेकर ही हज पर जाने की अनुमति है. यह वीजा सीरियन हाई हज कमिटी देती है, जिस पर सीरियाई विपक्ष सीरियन नेशनल कोलिशन का नियंत्रण है.

हज को इस्लाम धर्म के पांच स्तंभों में से एक माना जाता है. जो लोग सक्षम हैं, उनके लिए इस्लाम में जीवन में एक बार हज यात्रा पर जाना जरूरी माना जाता है. सऊदी अरब के शहर मक्का में मुसलमानों का सबसे पवित्र धार्मिक स्थल है, जहां हर साल दुनिया भर से लाखों लोग हज के लिए पहुंचते हैं.

एके/ओएसजे (डीपीए, एपी)

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