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दुनिया

चंदे से किसकी सेवा, इंसान की या आतंकवाद की

पाकिस्तानी पंजाब की सरकार ने जेयूडी के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया. सरकार को इस बात का अहसास हो चुका है कि जेयूडी सेवा के नाम पर मिलने वाले चंदे का गलत इस्तेमाल कर रहा है.

पाकिस्तानी पंजाब की सरकार ने जमात उद दावा के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया. सरकार को इस बात का अहसास हो चुका है कि जमात उद दावा, सेवा के नाम पर मिलने वाले चंदे का गलत इस्तेमाल कर रहा है.

पंजाब प्रांत के गृह मंत्रालय ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह जमात उद दावा के खिलाफ सख्त कदम उठाए. संयुक्त राष्ट्र की सूची में जमात उद दावा एक आतंकवादी संगठन है. जेयूडी पर 2008 में मुंबई पर हमला करने का आरोप भी है. इस संगठन को मोहम्मद हाफिज चलाता है. पहले हाफिज सईद पाकिस्तान में रैलियां कर जेयूडी के लिए फंड जुटाता था. अब आतंकी संगठन अपनी सेवार्थ संस्था फलहे इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) की आड़ में पैसा जुटाता है.

(देखिये: 2016 में आतंकवादी हमलों से थर्राती दुनिया)

सूबे के गृह मंत्रालय ने पंजाब पुलिस के एआईजी से कहा है कि वह जमात उद दावा के पैसा जुटाने के सभी तरीकों की सूचना दें. कानून के विरुद्ध काम करने वाले अन्य संगठनों के पैसा जुटाने पर भी सख्ती करने को कहा गया है. जांच में पता चला है कि जमात उद दावा ने रमजान के दौरान फितराना, जकात और सदके के जरिये पैसा जुटाया. उस दौरान जगह जगह एफआईएफ के पर्चे बांटे गए और पोस्टर लगाए गए, जिनमें लोगों से इंसानियत की मदद करने के नाम पर चंदा मांगा गया. कानूनी अड़चन से बचने के लिए सेवार्थ संस्था को आगे रखा गया.

पंजाब प्रांत के एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने पाकिस्तानी अखबार डॉन से बात करते हुए कहा कि खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, "भारत द्वारा फैलाई गई अफवाहों के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने जमात उद दावा की निगरानी करनी शुरू कर दी है. जेयूडी की सेवार्थ संस्था एफआईएफ, आजाद कश्मीर और कश्मीर और उत्तरी इलाकों में 2005 के भूकंप के बाद कई मानवकल्याण के कामों में शामिल है. सरकार ने इसके लिए उन्हें रास्ता दिया." पुलिस अफसर के मुताबिक अब सरकार को पता चल चुका है कि सेवा करना जमात उद दावा का असली चेहरा नहीं है, इसीलिए अब उन्हें मिले पैसे और उसके खर्च की पड़ताल की जा रही है.

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