1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

खेल

मिलिए पाकिस्तान के पहले उभरते सिख क्रिकेटर से

पाकिस्तान में इन दिनों एक सिख नौजवान खासी सुर्खियां बटोर रहा है. मोहिंदर पाल सिंह पाकिस्तान के पहले उभरते हुए सिख क्रिकेटर हैं और लाहौर की प्रतिष्ठित नेशनल क्रिकेट एकेडमी में क्रिकेट के गुर सीख रहे हैं.

पाकिस्तान में इससे पहले हिंदू और ईसाई क्रिकेट हुए हैं, लेकिन मोहिंदर पाल सिंह पाकिस्तान के पहले सिख क्रिकेटर होंगे. जियो न्यूज की खबर के अनुसार वह देश के 30 उभरते हुए क्रिकेटरों में से एक हैं.

सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए अपने एक वीडियो में मोहिंदर ने कहा है कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह क्रिकेट में पाकिस्तान का नाम रोशन करेंगे. उन्होंने कहा, "मैं पाकिस्तान के सिख समुदाय का पहला नौजवान हूं जिसका चयन नेशनल क्रिकेट एकेडमी में हुआ है. मेरी यह ख्वाहिश है कि आने वाले वक्त में अगर मुझे मौका मिलता है तो मैं पाकिस्तान का नाम रोशन करूं और अपनी सारी ऊर्जा पाकिस्तान के लिए लगा दूं.” साथ ही उन्होंने अपने कोच और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख शहरयार खान का भी शुक्रिया अदा किया है कि उन्होंने उनकी प्रतिभा को पहचाना.

देखिए इनका भी है पाकिस्तान

मोहिंदर का संबंध पंजाब के ननकाना साहिब से है. उनके मुताबिक उन्हें इस बात पर बहुत गर्व हो रहा है कि वह आज पाकिस्तानी सिखों की नुमाइंदगी कर रहे हैं. पाकिस्तान के क्रिकेट इतिहास में अब तक सात खिलाड़ी ऐसे हुए हैं जो गैर मुसलमान थे. इनमें दानिश कनेरिया, सोहैल फैसल और अनिल दलपत जैसे खिलाड़ी शामिल रहे हैं.

पाकिस्तानी उर्दू अखबार "उम्मत" में छपी एक रिपोर्ट में मोहिंदर के हवाले से कहा गया है कि उन्हें पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम में शामिल होने की उम्मीद है और उनकी तमन्ना भारतीय बल्लेबाजों के विकेट उड़ाने की है. रिपोर्ट में मोहिंदर के पिता डॉक्टर हरबजीत से भी बात की गई है और उनका कहना है कि बेटे का नेशनल क्रिकेट एकेडमी में पहुंचना पाकिस्तान में रहने वाले लगभग 20 हजार लोगों वाले पूरे सिख समुदाय के लिए गर्व की बात है.

DW.COM

संबंधित सामग्री