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दुनिया

नवाज शरीफ ने फिर बुरहान वानी की तारीफ की

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने फिर हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की तारीफ करते हुए उसे "शहीद" बताया है. उनके इस बयान पर भारत की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया आ सकती है.

इस्लामाबाद में कश्मीर के मुद्दे पर हुई एक कॉन्फ्रेंस में नवाज शरीफ ने फिर भारतीय सेना पर कश्मीरी लोगों पर जुल्म करने के आरोप लगाए. उन्होंने पिछले साल जुलाई में भारतीय सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी को "शहीद" बताया. बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर घाटी में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और इस दौरान पुलिस की कार्रवाई में 70 से ज्यादा लोग मारे गए. प्रदर्नकारियों पर पैलेट गनों के इस्तेमाल को लेकर भी भारतीय सुरक्षा बलों की खूब आलोचना हुई.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने बुरहान वानी को करिश्माई नेता कहा. उन्होंने कहा कि उसकी शहादत से आजादी चाहने वाले लोगों को प्रेरणा मिली है. पाकिस्तान अखबार डॉन की खबर के मुताबिक नवाज शरीफ ने कहा कि दुनिया को अब भारत से कहना चाहिए कि "बहुत हो गया".

जानिए कश्मीर मुद्दे की पूरी रामकहानी

नवाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान लगातार कश्मीरी लोगों के संघर्ष में उनका साथ देता रहेगा. उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान किस तरह कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा रहा है.

भारत पाकिस्तान पर कश्मीर में हालात भड़काने का आरोप लगाता है. हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी होने की खबरें अकसर मिलती रही हैं. भारत ने उड़ी में अपनी सेना के एक ठिकाने पर हमले के बाद पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक करने का दावा भी किया था, हालांकि पाकिस्तान ने इसे बेबुनियाद बताया था.

नवाज शरीफ पहले भी बुरहान वानी की तारीफ कर चुके हैं. उन्होंने पिछले साल पाकिस्तानी संसद के एक साझा सत्र में कश्मीरी चरमपंथी की सरहाना की थी, जिस पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई थी. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए अपने भाषण में भी बुरहान वानी की तारीफ कर चुके हैं.

देखिए टाइम बम जैसे विवाद

इस बीच, भारत के पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने पाकिस्तान से बातचीत की पैरवी की है. इकॉनिक टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "हमें पाकिस्तान के साथ बात करनी होगी, लेकिन उन्हें भी समझना होगा कि बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते हैं. आप हमारे सिर पर बंदूक रखकर यह नहीं कह सकते हैं कि बात करिए."

उन्होंने कहा, "जम्मू कश्मीर और बाकी भारत के लोगों को पाकिस्तान पर दबाव बनाना चाहिए कि वह भारत में आतंकवाद निर्यात ना करने के अपने वादे पर अमल करे. यह बातचीत से ही संभव हो सकता है." जनवरी 2016 में पठानकोट में भारतीय वायुसेना के ठिकाने पर हमले के बाद से दोनों देशों की बातचीत बंद है. उड़ी हमले के बाद तो तनाव चरम पर पहुंच गया. कुछ समय से बयानों का सिलसिला शांत है, लेकिन बुरहान वानी के बारे में नवाज शरीफ के ताजा बयान के बाद फिर जुबानी जंग शुरू हो सकती है.

एके/वीके (एपी, पीटीआई, ईटी)

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