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दुनिया

महिलाओं की मुसीबत बन गए हैं टॉयलेट में छिपे कैमरे

दक्षिण कोरिया में स्पाई कैमरे से महिलाओं के पोर्न वीडियो बनाना इतना बढ़ गया है कि विशेष पुलिस बल लगाना पड़ा है, जो इस काम से निपट रहा है.

पार्क क्वांग-मी का काम है दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में महिलाओं के लिए बनाए गए सार्वजनिक टॉयलेट्स की जांच करना. इसके लिए वह उनके पास एक डिटेक्टर है जिसे वह टॉयलेट सीट, पेपर रोल होल्डर, दरवाजे के हैंडर और यहां तक कि छत व रोशनदान की ग्रिल्स के आसपास लगा लगाकर देखती हैं. उन्हें सुनिश्चित करना होता है कि टॉयलेट में कोई कैमरा ना हो. 49 साल की पार्क कहती हैं, "मेरा काम यह देखना है कि महिलाओं के बाथरूम में कोई कैमरा न लगा हो. यह सोचना भी अजीब लगता है कि ऐसे लोग हैं जो ये चीजें देखना चाहते हैं. लेकिन यह काम जरूरी है ताकि महिलाएं सुरक्षित महसूस करें."

छिपे हुए कैमरे खोजने वाली सोल की विशेष टुकड़ी में सारी महिलाएं हैं. यह टुकड़ी मोल्का यानी छिपे हुए कैमरे से बनाए जाने वाले पोर्न के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है. दक्षिण कोरिया अपनी तकनीकी क्षमता पर गर्व करता है. वहां तकनीकी रूप से बहुत ताकतवर स्मार्टफोन बनते हैं. देश के पांच करोड़ लोगों में से 90 फीसदी के पास स्मार्टफोन है जो दुनिया में सबसे ज्यादा है. लेकिन इस तकनीक ने ऐसे लोगों की भी एक फौज खड़ी कर दी है जो गलत-सलत इस्तेमाल कर रहे हैं. इनमें महिलाओं के टॉयलेट में ताकाझांकी करने वाले बड़ी तादाद में हैं. ये लोग महिलाओं के अश्लील वीडियो बनाने के लिए ऐप्स और स्पाईकैम्स का इस्तेमाल करते हैं. बाद में ये वीडियो ऐसे साइट्स पर शेयर की जाती हैं जो खासकर इसी तरह का कॉन्टेंट दिखाने के लिए बनी हैं. स्थानीय भाषा में इन्हें मोल्का साइट्स कहते हैं.

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हाल ही में तो यह चलन इतना ज्यादा बढ़ गया कि दक्षिण कोरिया में बनने वाले कैमरा फोन्स के लिए यह जरूरी करना पड़ा कि फोटो खींचते वक्त कैमरा ऊंची आवाज करे. मोल्का अपराध हर दिन खबरों में रहते हैं. राजधानी में एक लाख सदस्यों वाले एक विशाल चर्च के पादरी को सीढ़ियों पर महिलाओं की अश्लील फुटेज बनाते हुए पकड़ा गया. उसके स्मार्टफोन में महिलाओं के ऐसे कई वीडियो मिले. 31 साल के एक डॉक्टर को अपनी महिला मरीजों और नर्सों के चेंजिंग रूम में तस्वीरें खींचने के आरोप में पकड़ा गया. दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय तैराकी टीम के मुख्य कोच को तो इस बात पर इस्तीफा देना पड़ा कि टीम के दो पुरुष तैराकों ने अपनी महिला साथियों के लॉकर रूम में कैमरे छिपाए थे.

पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि मोल्का अपराधों में 2010 से 2014 के बीच छह गुना का उछाल आया है. 2010 में ऐसे 1110 अपराध दर्ज हुए थे और 2014 में 6600. पुलिस अफसर ह्यून हुएंग-हो बताते हैं कि बाजार में ऐसे कई गैजेट्स उपलब्ध हैं जो अपराधियों के लिए काम को आसान बनाते हैं. इनमें पेन, घडियां, माइक्रो लेंस आदि शामिल हैं.

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1987 में सबवे में होने वाले अपराधों से निपटने के लिए एक विशेष पुलिस बल बनाया गया था. उस बल का मुख्य काम अब मोल्का अपराधों से निपटना है. लेकिन ये अपराध नए नहीं हैं. सोल की हानायांग यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्र पढ़ाने वालीं ली ना-यंग कहती हैं कि ऐसे वीडियो दशकों से देखे जा रहे हैं. वह कहती हैं, "दक्षिण कोरिया और जापान बहुत रूढ़िवादी समाज हैं. यहां सेक्स के बारे में बात करना अच्छा नहीं माना जाता. लोग यौन इच्छाओं को लेकर दमित महसूस करते हैं. इसलिए महिलाओं का खूब शोषण होता है और उन्हें चीज की तरह इस्तेमाल किया जाता है."

देश में महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं है. पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की औसत आय 63.3 फीसदी ही है. मैनेजर लेवल पर सिर्फ 11 फीसदी महिलाएं हैं. ली कहती हैं कि ऐसे माहौल में कुछ पुरुषों के लिए महिलाएं उपभोग की चीज से ज्यादा कुछ नहीं हैं और तेजी से बढ़ती तकनीक इसमें मददगार साबित हो रही है.

वीके/एके (एएफपी)

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