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दुनिया

ट्विटर इस्तेमाल करने वालों को ओबामा की सलाह

किसी मुद्दे पर ट्वीट के मामले में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के पास मौजूदा राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप सहित सभी लोगों के लिए सलाह है. उन्होंने कहा कि ट्वीट करने से पहले गंभीरता से सोचिए.

इन दिनों भारत का दौरा कर रहे ओबामा ने कहा, "किसी को भी अपना मुंह खोलने से पहले सोचना चाहिए, ऐसे ही ट्वीट करने से पहले विचार करना चाहिए. ऐसा नहीं होना चाहिए कि आपके दिमाग में जो पहली बात कौंधे वही पूरी दुनिया के लिए आपकी सोच मान ली जाए."
नई दिल्ली में ओबामा ने हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप सम्मेलन में शुक्रवार को कहा, "हमें सोशल मीडिया की शक्ति का ध्यान रखना चाहिए और विचारों की परख करने के बाद सावधानी से पोस्ट करना चाहिए." ट्विटर पर ओबामा के 9.7 करोड़ फॉलोवर हैं, जबकि ट्रंप के 4.3 करोड़ फॉलोवर हैं.

रिकॉर्ड तोड़ा ओबामा के ट्वीट ने

ओबामा के लव लेटर

अपने ट्वीट में टाइपिंग व वर्तनी की गलतियों के लिए प्रसिद्ध ट्रंप का परोक्ष रूप से मजाक बनाते हुए ओबामा ने कहा, "जब ट्वीट की बात आये तो अपने माता-पिता को याद करें, पहले सोचिए बाद में पोस्ट कीजिए. मैं ट्वीट करने से पहले वर्तनी की जांच करता हूं व विराम चिन्हों का इस्तेमाल करता हूं."

वैसे अपनी टिप्पणी में ओबामा ने ट्रंप का नाम नहीं लिया. ओबामा ने कहा कि करोड़ों लोगों को प्रभावित करने वाले संवेदनशील मुद्दों पर चलताऊ अंदाज में ट्वीट करना अच्छी बात नहीं है.

इसके अलावा ओबामा ने कहा कि भारत और अमेरिका अगर साथ मिलकर काम करें तो ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान ना हो सके. उन्होंने यह बात पेरिस जलवायु समझौते का जिक्र करते हुए और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना करते हुए कही.

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ओबामा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी नौ बार मुलाकात हुई है जो कि अपूर्व है. उनका कहना था कि इन मुलाकातों की वजह यह है कि दुनिया की प्रमुख चुनौतयों का समाधान तभी संभव होगा जब भारत न सिर्फ एशिया-प्रशांत क्षेत्र बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी बड़ी भूमिका निभाता रहेगा. 

ओबामा का कहना था कि दोनों देशों में बहुत कुछ समान है. ओबामा ने कहा, "इसीलिए मेरा हमेशा यह मानना रहा है कि अमेरिका और भारत के मैत्रीपूर्ण संबंध में बहुत ताकत है. मेरा विश्वास है कि दुनिया की सबसे पुराने लोकतंत्र और सबसे बड़े लोकतंत्र की साझेदारी 21वीं सदी की मांग है."

उन्होंने कहा कि जब लोकतंत्र खुद सवालों के घेरे में है तब यह साझेदारी बेहतर भविष्य की दिशा तय कर सकती है. ओबामा का कहना था कि वैश्वीकरण, प्रौद्योगिकी के विकास, आतंकवाद, बढ़ती असमानता और तेजी से बदलती जलवायु से न सिर्फ परिवारों की नींव हिल चुकी है बल्कि इनसे हमारी सामूहिक राजनीति व संस्थाएं भी प्रभावित हुई हैं.

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा अमेरिका के पहले ऐसे राष्ट्रपति रहे हैं जो अपने कार्यकाल के दौरान दो बार भारत दौरे पर आये थे. ओबामा ने भारत और अमेरिका में समानता का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देश औपनिवेशिक दासता से आजाद हुए हैं और दोनों के संविधान तीन शब्द 'वी द पीपॅल' से आरंभ होते हैं. 

उन्होंने भारत और अमेरिका के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों में बहुलतावाद, सहिष्णुता, खुलापन और कानून का शासन और बाजार आधारित उदारवादी अर्थव्यवस्था हैं जिनमें अभिव्यक्ति की आजादी और प्रेस की स्वतंत्रता समेत लोगों के व्यक्तिगत अधिकारों को प्रमुखता दी गयी है.

-आईएएनएस

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