उत्तर कोरिया में सरकार के खिलाफ बोलने लगे हैं लोग: बागी अफसर | दुनिया | DW | 25.01.2017
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दुनिया

उत्तर कोरिया में सरकार के खिलाफ बोलने लगे हैं लोग: बागी अफसर

लंदन में उपराजदूत रहे थाए योंगहो ने उत्तर कोरिया में अपनी बीती हुई जिंदगी के बारे में काफी कुछ बताया. उन्होंने कहा कि लोग परेशान हैं और सरकार से नाराज हैं.

उत्तर कोरिया से भागे एक अफसर की मानें तो देश के कुलीन वर्ग के लोग अब सरकार और नेता किम जोंग उन के खिलाफ अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर करने लगे हैं. सीमित सूचनाएं ही सार्वजनिक करने वाले इस देश को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं.

लंदन में उत्तर कोरिया के पूर्व उपराजदूत रहे थाए योंगहो ने बुधवार को अपने इन्हीं अनुभवों को साझा किया. पिछले साल अगस्त में योंगहो दक्षिण कोरिया भाग गए थे और दिसंबर 2016 से वह मीडिया के संपर्क में हैं. यांगहो अब तक कई टीवी कार्यक्रमों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं और इन मौकों पर उपराजदूत के रूप में अपने जीवन से लेकर सिओल भागने तक की कहानी पर योंगहो ने कई बार चर्चा की है.

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विदेशी मीडिया के साथ हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, "जब किम जोंग उन ने पहली बार सत्ता संभाली तब उम्मीद की जा रही थी कि वे देश को गरीबी से निकालने के लिए कुछ तार्किक कदम उठा सकते हैं, लेकिन जब बिना कारण अधिकारियों को निकाला जाने लगा तो मुझे काफी निराशा हुई.” उन्होंने कहा कि निचले स्तर पर शासक की आलोचना करना अब तक यहां संभव ही नहीं था लेकिन अब यह नजर आ रहा है और ऐसी आलोचनाएं सामने आ रही हैं. यांगहो के मुताबिक देश में चिंगारी तो भड़की हुई है बस उसे हवा देने की जरूरत है.

54 वर्षीय पूर्व नौकरशाह की मानें तो सरकार के रवैये की वजह से आम लोगों में पैदा हुए असंतोष के चलते ही उन्हें अपना पद छोड़कर भागना पड़ा था. उनके साथ उनके दोनों बेटे और पत्नी भी थीं.

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उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया अब भी तकनीकी रूप से आपसी विवाद में उलझे हुए हैं. परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध झेल रहा उत्तर कोरिया हमेशा ही दक्षिण कोरिया और इसके साथी देश अमेरिका को खत्म करने की धमकी देता रहा है. उत्तर से दक्षिण भागे यांगहो ऐसा करने वाले अब तक के सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं. यांगहो के मुताबिक आज के उत्तर कोरिया का साम्यवाद से कुछ लेना देना नहीं है और हालात मुश्किल बने हुए हैं.

एए/वीके (रॉयटर्स)

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