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दुनिया

चंद्रा के हाथ में टाटा संस की कमान

पिछले कुछ दिनों से टाटा संस में चल रही कशमकश अब खत्म होती नजर आ रही है. कंपनी ने तय समयसीमा के 45 दिन पहले ही चंद्रा के नाम पर मोहर लगा दी है.

देश के दिग्गज कारोबारी समूह टाटा संस ने गुरुवार को अपने नए चैयरमैन की घोषणा की. अब इस जिम्मेदारी को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के मुखिया एन. चंद्रशेखरन संभालेंगे. प्रदर्शन को आधार बताकर अक्टूबर में टाटा संस के चैयरमेन पद से साइरस मिस्त्री को हटा दिया गया था.

चंद्रा नाम से चर्चित चंद्रशेखरन ने साल 2009 में टीसीएस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी का पद संभाला था. अब वह 21 फरवरी से टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के सातवें चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभालेंगे. कंपनी ने अपने आधिकारक बयान में इस बात की जानकारी दी.

53 वर्षीय चंद्रशेखरन 30 साल पहले वर्ष 1987 में टाटा समूह से जुड़े थे. उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि वह ऐसे संस्थान के शीर्ष पद के लिए चुने जाने पर सम्मानित महसूस कर रहे हैं, जिसकी अपनी एक समृद्ध विरासत है. उन्होंने कहा कि इस पद के साथ तमाम जिम्मेदारियां जुड़ी हुई हैं जिनसे मैं परिचित हूं. चंद्रा को अक्टूबर में टाटा संस के बोर्ड में शामिल किया गया था. उन्होंने बताया कि अब टीसीएस में उनका स्थान कंपनी के मौजूदा चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर राजेश गोपीनाथन संभालेंगे.

देखिए, क्यों खास है टाटा

चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टीसीएस का कारोबार तीन गुना बढ़ा है. टीसीएस का अब टाटा समूह के कुल बाजार पूंजीकरण में 56 फीसदी हिस्सा है. समूह का बाजार पूंजीकरण 116  अरब डॉलर है. टीसीएस अपनी होल्डिंग कंपनी टाटा संस के राजस्व में 73.7 फीसदी का योगदान करती है.

मिस्त्री ने टाटा संस के चैयरमेन पद को चार साल पहले संभाला था. हालांकि दिसंबर में उन्होंने समूह की सारी कंपनियों से इस्तीफा दिया था लेकिन टाटा संस के बोर्ड में बने रहे.

एए/वीके (एफपी)

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