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दुनिया

नोटबंदी पर बोले मोदी, ये तो बस शुरुआत है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर नोटबंदी को लेकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने अपनी पार्टी के सांसदों से भावुक अपील में कहा है कि वो लोगों को इस फैसले के फायदों के बारे में बताएं.

बैंकों और एटीएम मशीनों के सामने लंबी कतारों और लोगों को हो रही परेशानियों के कारण मोदी सरकार आलोचना झेल रही है. संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्षी पार्टियां उस पर जमकर हमला कर रही हैं और सरकार से नोटबंदी के फैसले को वापस लेने की मांग हो रही हैं.

लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि टैक्स चोरों के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी. उन्होंने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के सांसदों को संबोधित करते हुए कहा, "ये शुरुआत है, अंत नहीं.” आठ नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने 500 और एक हजार रुपए के नोट बंद करने का एलान किया था.

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सरकार भ्रष्टाचार और कालेधन पर रोक लगाने के लिए इस कदम को जरूरी बता रही है, लेकिन आम लोगों को इससे बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है. प्रधानमंत्री का कहना है कि नोटबंदी का फैसला देश के गरीबों और मध्यवर्ग के हित में है और उनकी सरकार देश में पिछले 70 साल जारी भ्रष्टाचार और कालेधन की बुराइयों को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है.

भापजा संसदीय दल की बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पूरा देश इस फैसले का स्वागत कर रहा है और इससे डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा, "ये एक ऐतिहासिक फैसला है. पूरा देश इसका स्वागत कर रहा है. पिछले 70 साल से जो 'सामान्य' चला आ रहा था, अब प्रदानमंत्री मोदी ने नया 'सामान्य' रच दिया है.” बैठक में भाजपा संसदीय दल ने एकराय से एक प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री को नोटबंदी पर बधाई दी है.

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दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से नोटबंदी पर अपनी राय देने को कहा है. उन्होंने ट्वीट किया, "मैं करंसी नोट के सिलसिले में सरकार के फैसले पर सीधे आपकी राय जानना चाहता हूं. नरेंद्र मोदी ऐप पर सर्वे में हिस्सा लीजिए.” इस सर्वे में कालेधन और नोटबंदी पर सरकारी की नीति को लेकर कई तरह के सवाल पूछे गए हैं.

एके/वीके (पीटीआई, एएफपी)

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