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दुनिया

लापता मौलाना लौटे, पर नहीं बताया कहां रखे गए थे?

दिल्ली की निजामुद्दीन दरगाह के दो मौलवी आसिफ अली निजामी और नाजिम निजामी भारत पहुंच गए हैं, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि पाकिस्तान में जब वह लापता हो गए थे तो कहां थे.

सोमवार को दिल्ली पहुंचने के बाद नाजिम निजामी ने कहा कि वह पूरी तरह सकुशल हैं. उन्होंने उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया, जो पाकिस्तान में उनके लापता होने पर चिंतित थे. लेकिन जब पत्रकारों ने पूछा कि उन्हें पाकिस्तान में कहां रखा गया, तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, "जितनी बात मैंने बताई है आप उसे सुनिए. उसके बाद अगर कोई और बात होगी तो मैं सुषमा जी से मिलने के बाद फिर आपको बुलाऊंगा और बताऊंगा."

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन पर कोई दबाव है तो उन्होंने इससे इनकार किया. उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह फिट हैं. पत्रकारों से बात करते हुए नाजिम निजामी अकेले थे जबकि आसिफ निजामी के बारे में बताया गया कि वह घर पर आराम कर रहे हैं.

पिछले दिनों सैयद आसिफ अली निजामी (82 वर्ष) और नाजिम अली निजामी (66 वर्ष) लाहौर में बाबा फरीद की दरगाह पर गये थे लेकिन बीच में उनके परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो रहा था.

दोनों मौलानाओं को लाहौर से कराची जाना था. खबरों के मुताबिक आसिफ निजामी को कराची जाने दिया गया, लेकिन नाजिम को यात्रा सबंधी कागजात पूरे न होने पर एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया. इसके बाद वह लाहौर लापता में हो गए जबकि आसिफ निजामी कराची पहुंचने के बाद लापता हुए. इसके बाद आसिफ के बेटे ने भारतीय विदेश मंत्रालय में सूचना दी थी.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार ने अपने ट्वीट में बताया कि पाकिस्तान में लापता हुए दो भारतीय सूफी मौलवियों के संबंध में पाकिस्तानी प्रशासन से बात की गई है. उन्होंने कहा, "हमने इस मामले में पाकिस्तान सरकार से बात की है और उन्हें इस बारे में ताजा जानकारी देने को कहा है."

सोमवार को दोनों मौलाना भारत लौट आए.

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