खामेनेई ने ईरान में प्रदर्शनों के लिए ′दुश्मनों′ को जिम्मेदार ठहराया | दुनिया | DW | 03.01.2018
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दुनिया

खामेनेई ने ईरान में प्रदर्शनों के लिए 'दुश्मनों' को जिम्मेदार ठहराया

ईरान में शुरू हुए प्रदर्शनों पर अयातुल्लाह खामेनेई ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है. सरकार टीवी पर दिए अपने भाषण में उन्होंने 'दुश्मनों' की बात की है.

ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह खामेनेई ने देश में हो रहे प्रदर्शनों के लिए 'दुश्मनों' को जिम्मेदार ठहराया है. इस बीच, देश में हिंसक प्रदर्शनों में मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है. सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ बीते गुरुवार से शुरू हुए प्रदर्शनों पर खामेनेई ने मंगलवार को पहली प्रतिक्रिया दी. उन्होंने 'देश के दुश्मनों पर ईरान के खिलाफ ताकतों से हाथ मिलाने और हाल के दिनों की हिंसा' का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "दुश्मन मौके की ताक में थे, कोई कमी ढूंढ़ रहे थे, जिसके जरिये वे अपना दखल दे सकें. बीते कुछ दिनों की घटनाओं को देखिए. वे सभी जो इस्लामिक गणतंत्र के खिलाफ हैं, उन सभी ने इस्लामी क्रांति के लिए दिक्कतें पैदा करने के लिए आपस में हाथ मिला लिए हैं."

वीडियो देखें 01:41

फोन में रिकॉर्ड ईरान प्रदर्शनों की तस्वीरें

खामेनेई ने स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा कि वह किन लोगों की बात कर रहे हैं, लेकिन ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप की प्रदर्शनों के समर्थन के लिए निंदा कर चुके हैं. सरकारी मीडिया में कहा गया है कि मध्य ईरान में हिंसा की ताजा घटनाओं में एक बच्चे समेत नौ और लोगों की मौत हो गई है. तेहरान प्रांत के उप गवर्नर अली असगर नासेरबख्त ने कहा कि बीते कुछ दिनों में "सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और लोगों पर हमलों के मामले में" 450 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

यह भी पढ़ें: ईरान में खामेनेई के सिंहासन को चुनौती

रोहानी की अपील के बावजूद ईरान में विरोध प्रदर्शन जारी

मंगलवार को ट्रंप ने एक बार फिर ट्वीट किया और ईरान सरकार को निर्दयी व भ्रष्ट बताया. उन्होंने ट्वीट किया, "आखिरकार, ईरान के लोग निर्दयी व भ्रष्ट ईरानी सत्ता के खिलाफ खड़े हो गए हैं. राष्ट्रपति ओबामा ने मूर्खतापूर्ण तरीके से इन्हें जो धन दिया था, वह सब आतंकवाद में और इनकी जेबों में चला गया. लोगों के पास बेहद कम खाना है, अधिक महंगाई है और कोई मानवाधिकार नहीं हैं. अमेरिका देख रहा है."

अन्य ईरानी अधिकारियों ने देश के हालात के लिए सऊदी अरब, अमेरिका और ब्रिटेन को जिम्मेदार बताया है. यूरोपीय संघ ने ईरान से कहा है कि वह अपने नागरिकों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की गारंटी दे. संघ ने कहा है कि वह ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है और हालात पर निगाह बनाए हुए है. जर्मनी ने भी ईरान सरकार से शांति बहाल करने की अपील की है. जर्मनी के विदेश मंत्री जिगमार गाब्रिएल ने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का आग्रह किया है.

आईएएनएस/आईबी

 

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