चूड़ीदार में पद्मनाभस्वामी मंदिर में नहीं जा सकतीं महिलाएं: हाई कोर्ट | दुनिया | DW | 08.12.2016
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दुनिया

चूड़ीदार में पद्मनाभस्वामी मंदिर में नहीं जा सकतीं महिलाएं: हाई कोर्ट

जिस रोज इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस्लाम में प्रचलित तीन तलाक की प्रथा को असंवैधानिक बताया है, उसी रोज केरल हाई कोर्ट ने कहा है कि चूड़ीदार पहनकर महिलाएं पद्मनाथस्वामी मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकतीं.

केरल हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि महिलाओं को मंदिर के पुराने चलन को मानना होगा, जिसके तहत महिला साड़ी पहनकर ही इस मंदिर में प्रवेश कर सकती है. कोर्ट ने कहा कि मंदिर के अधिकारियों को इसकी परंपपराओं को बदलने का कोई अधिकार नहीं है. खबरों के मुताबिक कोर्ट ने निर्देश दिया कि मंदिर के तंत्री का साड़ी पहनने का आदेश आखिरी है और मंदिर में प्रवेश चाहने वाली महिलाओं को चूड़ीदार के ऊपर मुंडु पहनना ही होगा.

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30 नवंबर को मंदिर के एक अधिकारी केएन सतीश ने चूड़ीदार पहनी महिलाओं को भी मंदिर में प्रवेश दे दिया था. मंदिर प्रबंधन के कुछ अन्य अधिकारियों और कुछ श्रद्धालुओं ने इस आदेश का विरोध किया. उसी दिन कुछ लोग विरोध स्वरूप चूड़ीदार पहने महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने से रोकने पहुंच गए. उनकी बात नहीं मानी गई तो वे लोग कोर्ट चले गए.

हाई कोर्ट के आदेश का मतलब है कि महिलाओं को सदियों पुरानी परंपरा पर ही चलना होगा. अब वे साड़ी, मुंडु या फिर धोती पहनकर ही मंदिर में प्रवेश कर सकती हैं.

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वीके/एके (पीटीआई)

 

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