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दुनिया

भारत और पाकिस्तान में पत्रकार खुद बने खबर

भारत और पाकिस्तान में शुक्रवार को खबरें देने वाले पत्रकार खुद खबर बन गये हैं. भारत में तड़के वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी सुर्खियों में है तो इस्लामाबाद में वरिष्ठ पत्रकार अहमद नूरानी पर हमला किया गया.

विनोद वर्मा और अहमद नूरानी, दोनों ही पत्रकार अपने अपने देशों में ट्विटर के टॉप ट्रेंड हैं. हजारों लोगों ने उनके बारे में ट्वीट किये हैं. दिल्ली के पास गाजियाबाद में विनोद वर्मा को छत्तीसगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया. जब उन्हें थाने से कोर्ट ले जाया जा रहा था तो विनोद वर्मा ने पत्रकारों को बताया कि उनके पास छत्तीगढ़ के एक मंत्री की सेक्स सीडी है और इसीलिए उन्हें परेशान किया जा रहा है.

बीबीसी के लिए काम कर चुके विनोद वर्मा मूल रूप से छत्तीसगढ़ से हैं. वह एडिटर्स गिल्ड के सदस्य भी रहे हैं. प्रकाश बजाज नाम के एक व्यक्ति ने विनोद वर्मा के खिलाफ रायपुर में मामला दर्ज कराया है. विनोद वर्मा पर जबरन वसूली करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप हैं.

विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने विनोद वर्मा की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ के एक मंत्री को बचाने के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.

कांग्रेस पार्टी ने विनोद वर्मा को तुरंत रिहा करने की मांग की है. इस बीच, कई ट्विटर यूजर भी इस मुद्दे को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की आलोचना कर रहे हैं.

गाजियाबाद की एक कोर्ट ने छत्तीसढ़ पुलिस को विनोद वर्मा की ट्रांजिट रिमांड दे दी है जो उन्हें अब छत्तीसगढ़ ले जाएगी.

दूसरी तरफ, पाकिस्तान में हजारों लोगों ने ट्विटर पर 'द न्यूज' अखबार के खोजी पत्रकार अहमद नूरानी के साथ एकजुटता दिखायी है जिन पर शुक्रवार को हमला किया गया. पत्रकार उस्मान मंसूर ने नूरानी की तस्वीर के साथ ट्वीट किया, "मेरे दोस्त अहमद नूरानी एक बहादुर पत्रकार हैं और वे ऐसे हमलों से डरने वाले नहीं हैं. डटे रहिए."

बताया जाता है कि मोटरसाइकिल पर सवार कुछ लोगों ने उनका पीछा किया और फिर उनकी पिटायी की गयी. उन्हें कई जगहों पर चोटें आई हैं और इस्लामाबाद के एक अस्पताल में उनका इलाज हो रहा है.

अहमद वकास गोराया ने ट्वीट किया, "पत्रकार अहमद नूरानी पर पाकिस्तान में हमला किया गया. उनका ट्वीटर अकाउंट पहले ही बंद कर दिया गया है और उनसे लो प्रोफाइल रहने को कहा गया है."

लंदन में पाकिस्तान टीवी चैनल जियो के पत्रकार मुर्तजा अली शाह ने नूरानी की तस्वीरों के साथ ट्विटर पर लिखा है कि पाकिस्तान में प्रेस फ्रीडम की यह स्थिति है.

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