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दुनिया

नाराज मां-बाप ने जंगल में छोड़ा 7 साल का बच्चा

मां-बाप ने 7 साल के मासूम को सजा देने के लिए जंगल में छोड़ दिया. अब यह बच्चा लापता है. और बचाव दल अपनी पूरी कोशिश के बावजूद कोई सुराग नहीं खोज पा रहे हैं.

El Nino Symbolbild Dürre Philippinen Kind

यह प्रतीकात्मक तस्वीर है

जापान में एक माता-पिता ने नाराज होकर बच्चे को जंगल में छोड़ दिया. 7 साल के इस बच्चे को जिस जंगल में छोड़ा गया, वहां भालू रहते हैं. चार दिन से बचाव दल बच्चे को खोज रहे हैं लेकिन अभी तक कुछ हाथ नहीं लगा है.

जापान के मुख्य द्वीप होकाइदो पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन के साथ 100 से ज्यादा बचावकर्मी जंगल में बच्चे की तलाश कर रहे हैं. इनमें दो शिकारी भी हैं. लेकिन बच्चे की बरामदगी को लेकर उम्मीदें धुंधली पड़ती जा रही हैं. यामातो तानूका का कोई अता-पता नहीं है.

यामातो के माता-पिता शनिवार को इस जंगल के पास कार से गुजर रहे थे. बच्चे के खराब व्यवहार से नाराज होकर उन्होंने बच्चे को वहीं कार से उतार दिया. शुरू में उन्होंने पुलिस को बताया कि वे लोग जंगल में कुछ सब्जियां जमा करने के लिए गए थे और उसी दौरान यामातो उनसे बिछड़ गया. लेकिन बाद में उन्होंने माना कि वे बच्चे से नाराज थे क्योंकि वह दूसरी कारों पर पत्थर फेंक रहा था. उन्होंने यामातो को जबरन कार से उतारा था.

स्थानीय अधिकारी और बचावकर्मी स्तोशी साइदो ने बताया कि यामातो की खोज में अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है. उन्होंने कहा, "हमारे पास बहुत कम जानकारी है. हमें नहीं पता कि ऐसे छोड़े जाने के बाद बच्चे की क्या प्रतिक्रिया रही होगी. वह यूं चल दिया होगा लेकिन हम अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं कि वह किस तरफ गया होगा."

यामातो के माता-पिता ने बताया है कि उन्होंने जहां उसे छोड़ा था, वहां दोनों तरफ सड़क पर बाड़ लगी थी और जंगल बहुत घना था. उनका कहना है कि वे जल्दी ही उसे लेने वापस चले गए थे लेकिन वह गायब था.

जिस सड़क की बात हो रही है उसके उत्तर में माउंट कामागादाके है. इस चोटी की ऊंचाई 1131 मीटर है. साइतो कहते हैं कि बच्चा सड़क पर चलेगा या पहाड़ी पर चढ़ेगा. उन्होंने कहा, "अगर उसने पहाड़ी पर चढ़ना शुरू नहीं किया होगा तो वह किसी भी दिशा में चल दिया होगा. दो-तीन किलोमीटर चल कर ही वह मुख्य सड़क तक पहुंच गया होगा. लेकिन किसी ने उसे नहीं देखा है."

जिस दिन यामातो को छोड़ा गया था उस रात बहुत तेज बारिश हुई थी. बच्चे के पास ना खाना था ना पानी. उसने काली जैकेट और नीली पैंट पहन रखी थी. जंगल में जो झाड़िया हैं वे भी बच्चे के कद से लंबी हैं. 100 से ज्यादा लोग जंगल का चप्पा-चप्पा छान रहे हैं. और माता-पिता बस बेबसी से इंतजार कर रहे हैं, किसी अच्छी खबर का. एक बुरी खबर तो उन्हें मिल ही गई है कि पुलिस उनके खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर सकती है.

वीके/आईबी (एपी, एएफपी)

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