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दुनिया

म्यूजियम में रखा जा सकता है बर्लिन हमले का ट्रक

बर्लिन के क्रिसमस मार्केट में हुए हमले में जिस ट्रक का इस्तेमाल किया गया था उसे बॉन म्यूजियम ऑफ कन्टेम्परेरी हिस्ट्री में देखने के लिए रखा जा सकता है. लेकिन यह पूरी प्रकिया कितना समय लेगी यह कह पाना मुश्किल है.

बर्लिन के क्रिसमस बाजार में 19 दिसंबर को जो हमला हुआ था उसे जर्मनी की जमीन पर इस्लामिक स्टेट (आईएस) की दस्तक मानी जा सकती है. इस हमले में 12 लोगों की जान गई थी और दर्जनों घायल हुए थे. अब जांच अपने अंतिम चरण में है. जिस ट्रक का हमले के लिए इस्तेमाल किया गया था उसे जर्मनी के प्रसिद्ध म्यूजिम में जगह दी जा सकती है.

यह म्यूजियम समकालीन इतिहास से जुड़ी वस्तुओं और तथ्यों को इकट्ठा करता है. म्यूजियम के प्रवक्ता पीटर हॉफमैन ने कहा कि आतंकवाद आज जर्मन इतिहास में जगह बना रहा है ऐसे में आईएस का आतंकवाद भी प्रांसगिक है.

तस्वीरों में, जब गाड़ियां लाती हैं मौत

हॉफमैन ने डीडब्ल्यू से बातचीत में बताया कि संग्रहालय फिलहाल ट्रक या इसके पुर्जे खरीदने को लेकर कोई खास सक्रिय नहीं है. उन्होंने बताया कि हमने न तो इस तरह की कोई पहल की है और न अब तक इसके लिए कोई निवेदन किया है.

इस आतंकवादी हमले की जांच अभी जारी है और अभियोजन पक्ष टयूनिशिया के संदिग्ध आरोपी अनीस आमरी से पूछताछ कर रहा है. हॉफमैन ने बताया कि यह ट्रक भी पोलैंड की कंपनी का है. उन्होंने साफ किया है कि अगर इसकी खरीद का मसला सामने आता है तब उस पर विचार किया जाएगा और इसकी योजना बनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि हम ट्रक को संग्रहालय में सजाकर आतंकवाद की तारीफ नहीं कर सकते. इसके लिए हमें पूरी घटना और इससे प्रभावित लोगों को ध्यान में रखना होगा.

संग्रहालय में जर्मन समकालीन इतिहास से जुड़ी तमाम वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं. हालांकि कुछ निर्माण कार्यों के चलते इसका स्थायी संग्रह मार्च से दिसंबर 2017 के दौरान बंद रहेगा. संग्रहालय में रेड आर्मी फैक्शन आतंकवादी समूह की बंदूकों को रखा गया है. यह आतंकवादी समूह जर्मनी में कुछ दशकों तक काफी सक्रिय था.

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इसके इतर संग्रहालय ने डॉयचे बैंक के एक कर्मचारी का आईडी भी हाल में ही प्राप्त किया है, जिसकी 11 सितंबर को हुए वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए आतंकवादी हमले में मौत हो गई थी. लाखों की तादाद में शरणार्थियों का जर्मनी में आगमन इसके इतिहास का एक अहम पहलू बनने जा रहा है और इसे निश्चित ही स्थायी प्रदर्शन में शामिल किया जा सकता है. हॉफमैन ने बताया कि म्यूजियम को इन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद तमाम ईमेल प्राप्त हो रहे हैं. इनमें से कुछ लोग इस पर साधारण प्रतिक्रिया दे रहे हैं लेकिन कुछ इसे एकदम ही बेहूदा ख्याल मानते हैं. बर्लिन के मेयर माइकल म्युलर ने बर्लिन के एक अखबार से बातचीत में कहा है कि हमले में घायल हुए कई लोग अब भी अस्पताल में हैं इसलिए अभी और सब बातों पर सोचा जाना जल्दबाजी होगा.

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