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दुनिया

इंदिरा गांधी की हत्या के बाद रोक दिया गया भारत-पाक मैच

जिस दिन इंदिरा गांधी की हत्या हुई, पाकिस्तान में भी एक अनोखा वाकया हुआ था. उस दिन भारत की क्रिकेट टीम सियालकोट में मैच खेल रही थी.

पाकिस्तान के सियालकोट में भारत और पाकिस्तान का मैच चल रहा था. तीन मैचों की सीरीज का दूसरा मैच था. पहला मैच भारत हार चुका था. सियालकोट वनडे में भी भारत टॉस हारकर पहले बैटिंग कर रहा था. 40 ओवर हो चुके थे. भारत तीन विकेट खो चुका था. मुदस्सर नजर की गेंदबाजी कहर बरपा रही थी. अंशुमन गायकवाड़ और जी पारकर को उन्होंने बोल्ड किया था. लेकिन दिलीप वेंगसरकर आकर जम गए थे. संदीप पाटिल ने उनका खूब साथ निभाया था. 59 रन बनाकर संदीप पाटिल आउट हुए तो रवि शास्त्री आ गए. शास्त्री और वेंगसरकर बड़े स्कोर की ओर देख रहे थे. वेंगसरकर तो 94 रन पर पहुंच चुके थे. अब शतक बस एक सिक्स दूर था. भारत का स्कोर 210 हो चुका था. और तभी मैच रोक दिया गया. दोनों बल्लेबाजों को पविलियन वापस बुलाया गया. बीच मैच में पाकिस्तान की टीम भी पविलियन लौट गई. दर्शक समझ नहीं पा रहे थे कि ऐसा क्या हुआ है. मैच क्यों रोका दिया गया है. और फिर वह खबर आई. इंदिरा गांधी नहीं रही थीं. दिल्ली में उनके बॉडीगार्ड ने उनकी हत्या कर दी थी.

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उस वक्त पाकिस्तान में स्टूडेंट रहे पत्रकार आबिद हुसैन बताते हैं, "बहुत सारे लोगों को तब तक नहीं पता था कि मैच क्यों रोका गया है. खिलाड़ियों को मैदान से वापस बुलाकर इत्तिला दी गई. और तब तक दर्शकों को भी पता चल गया. यह बहुत बड़ी खबर थी. हर कोई सदमे में था."

अब भारतीय अधिकारियों के सामने सवाल था कि मैच का क्या किया जाए. आबिद हुसैन बताते हैं कि काफी देर विचार विमर्श के बाद फैसला हुआ कि मैच और दौरा दोनों बीच में रद्द कर दिए जाएं. भारत पाकिस्तान का वह मैच अधूरा रह गया. भारतीय कप्तान मोहिंदर अमरनाथ अपनी टीम लेकर लौट आए. पाकिस्तान तीन मैचों की सीरज 1-0 से जीत गया.

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