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दुनिया

पत्नी वर्जिनिटी टेस्ट में फेल तो पंचायत ने तोड़ी शादी

सदियों से महिला के लिए उसकी वर्जिनिटी को सम्मान से जोड़ा गया है. तमाम आधुनिक विचारों के बावजूद आज भी लड़की के वर्जिन न पाए जाने पर शादियां टूट जाती हैं.

Ebola Gefahr Berlin 11.08.2014

प्रतीकात्मक तस्वीर

लड़की का वर्जिन होना आज भी भारत में बहुत से लड़कों के लिए इतना जरूरी है कि इस आधार पर शादी तक टूट जाती है. देश के कुछ भागों में शादी के लिए इसे अनिवार्य शर्त के रूप में देखा जाता है. महाराष्ट्र के नासिक में एक ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें शादी के दो दिन के बाद ही पति ने अपनी पत्नी को सिर्फ इसलिए छोड़ दिया क्योंकि वह वर्जिनिटी टेस्ट में फेल हो गई.

यह है पूरा मामला

वर्जिनिटी टेस्ट में फेल होने पर शादी के दो दिन बाद अपनी पत्नी को छोड़ने वाले युवक को पंचायत का साथ भी मिला है. नासिक के रहने वाले युवक की शादी पिछले महीने की 22 तारीख को पड़ोस के अहमदनगर की एक लड़की से हुई थी. युवक के अनुसार उसकी पत्नी वर्जिन नहीं है, इसलिए वह यह रिश्ता आगे नहीं निभा सकता. इस मामले में युवक को गांव की जाति पंचायत का साथ भी मिला. विवाद के समय पंचायत ही यह निर्धारित करती है कि नवविवाहिता लड़की वर्जिन है या नहीं.

वर्जिनिटी टेस्ट का तरीका
लड़की वर्जिन है या नहीं इसका फैसला करने के लिए पंचायत जोड़े को एक सफेद चादर पर सेक्स करने के लिए कहा जाता है. सेक्स के बाद अगर चादर पर खून नहीं मिलता तो लड़की को वर्जिन नहीं माना जाता. इस मामले में युवक ने अपनी पत्नी का वर्जिनिटी टेस्ट का प्रमाण पंचायत को सौंपा. युवक ने सबूत के तौर पर वह चादर पंचायत के सामने पेश की जिस पर उसने अपनी पत्नी के साथ सेक्स किया था. इस चादर में खून के धब्बे न होने पर पंचायत सदस्यों ने पति को शादी खत्म करने की अनुमति दे दी.

लड़की का पक्ष

लड़की पक्ष वालों ने वर्जिन न होने के आरोप को गलत बताते हुए इस कहा है कि लड़की पुलिस भर्ती की तैयारी के चलते शारीरिक अभ्यास कर रही थी, जिस वजह ऐसा हुआ होगा. अपनी तैयारी के दौरान उसे दौड़ना, लंबी कूद और साइकिल चलाने के साथ दूसरी कठिन शारीरिक अभ्यास करने पड़ते थे.

डॉ. हिमांशु शर्मा कहते हैं कि ऐसा जरूरी नहीं है कि योनिद्वार की झिल्ली अर्थात् हाइमन केवल संभोग से ही फट सकती है. कठिन शारीरिक श्रम के चलते भी ऐसा होता है.

अब कुछ सामाजिक कार्यकर्ता पंचायत के इस फैसले को बेतुका बताते हुए इसके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराने जा रहे हैं. हालांकि मामले में पीड़ित लड़की और उसकी मां ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाही थी लेकिन पारिवारिक दबाव के चलते वे ऐसा नहीं कर पाईं.

गौरव श्रीवास्तव

DW.COM