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खेल

सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई प्रमुख अनुराग ठाकुर की छुट्टी की

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के को उनके पदों से हटा दिया है. उनके खिलाफ यह कार्रवाई बीसीसीआई में सुधारों की राह में बाधा डालने के लिए की गई है.

अदालत ने दुनिया की सबसे अमीर खेल संस्था बीसीसीआई में सुधार और भ्रष्टाचार को खत्म करने के तरीके सुझाने के लिए बनाई गई लोढ़ा समिति की ज्यादातर सिफारिशों को जुलाई में ही स्वीकार कर लिया था. लेकिन बीसीसीआई को समिति की कई सिफारिशें मंजूर नहीं हैं.

जस्टिस आरएम लोढ़ा के नेतृत्व में तीन सदस्यों वाली समिति की सिफारिशों में बीसीसीआई के पदाधिकारों के लिए उम्र की सीमा तय करने के साथ साथ उनके कार्यकाल की अवधि को भी सीमित किया गया है. समिति का यह भी सुझाव है कि किसी व्यक्ति को लगातार दो बार पद पर नियुक्त न किया जाए. अदालत के फैसले में कहा गया है, "सुप्रीम कोर्ट आदेश पारित करता है कि बीसीसीआई के अध्यक्ष और सचिव बोर्ड के हर काम से खुद को दूर कर लें."

देखिए क्रिकेट के साइट इफेक्ट

बीसीसीआई की देखरेख में होने वाले टी-20 टूर्नामेंट आईपीएल में सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग को लेकर बीसीसीआई की खूब किरकिरी हुई है. इसी के चलते 2013 में एन श्रीनिवास को बीसीसीआई प्रमुख का पद गंवाना पड़ा था. उनके दामाद पर भी सट्टेबाजी के आरोप लगे.

अदालत का फैसला आने के बाद जस्टिस लोढ़ा ने कहा, "हर किसी को यह बात समझनी होगी कि एक बार अगर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दे दिया है तो उस पर सभी को अमल करना होगा. कोई इससे बच नहीं सकता."

अदालत के फैसले पर अभी अनुराग ठाकुर की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन शिर्के ने जरूर इसे मानने के संकेत दिए हैं. उन्होंने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, “मैं बीसीसीआई का सचिव नहीं रहा, सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ठीक है. मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना है क्योंकि बीसीसीआई में मेरी भूमिका समाप्त हो चुकी है.”

उन्होंने कहा, “अगर सुप्रीम कोर्ट ने मुझे और अनुराग जी से बीसीसीआई छोड़ने को कहा है तो ठीक है, हम छोड़ देंगे. मुझे कोई मलाल नहीं है और न ही कोई मेरी महत्वाकांक्षा है.”

एके/वीके (एएफपी, रॉयटर्स)

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