भ्रष्टाचार के मामले में भारत की स्थिति बिगड़ी: रिपोर्ट | दुनिया | DW | 25.01.2017
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दुनिया

भ्रष्टाचार के मामले में भारत की स्थिति बिगड़ी: रिपोर्ट

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की ओर से जारी किए गए करप्शन परसेप्शंस इंडेक्स में भारत की रैंकिंग गिरी है. पिछले साल के मुकाबले 3 स्थान खिसक कर भारत 79वें नंबर पर आ गया है.

दुनियाभर के भ्रष्टाचार पर नजर रखने वाली संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के मुताबिक भारत साल 2016 में 2015 के मुकाबले रैंकिंग में नीचे चला गया है. 2016 में भारत 79वें स्थान पर रहा जबकि 2015 में इसका स्थान 76वां था. हालांकि भारत का स्कोर बेहतर हुआ है. 2015 के 38 अंकों के मुकाबले भारत को इस बार 40 अंक मिले हैं. भारत के ज्यादातर पड़ोसियों की हालत काफी खराब है. पाकिस्तान 116वें नंबर पर है. चीन भी भारत के साथ 79वें नंबर है. एशिया में सबसे अच्छी स्थिति भूटान की है. वह 65 अंकों के साथ 27वें नंबर पर है.

तस्वीरों में, सबसे कम भ्रष्ट देश

करप्शन परसेप्शंस इंडेक्स बर्लिन स्थित संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल सालाना जारी करती है. यह असल भ्रष्टाचार से ज्यादा लोगों की अपनी सरकारी संस्थाओं के बारे में अवधारणा पर आधारित होता है. संस्था के मुताबिक, "यह एक जटिल इंडेक्स है जिसमें अलग अलग संस्थानों के जरिये जुटाए गए आंकडों के आधार पर भ्रष्टाचार का अनुमान लगाया जाता है."

देखिए, ये हैं सबसे खराब रैंकिंग वाले देश

इंडेक्स में सोमालिया को दुनिया का सबसे भ्रष्ट देश बताया गया है जबकि न्यूजीलैंड और डेनमार्क 90 अंकों के साथ नंबर एक पर हैं. ब्रिटेन और जर्मनी दोनों संयुक्त रूप से 10वें नंबर पर हैं जबकि अमेरिका 18वें पर. यूरोप ही नहीं, अफ्रीका और मध्य पूर्व के बहुत से देशों की स्थिति भी भारत से बेहतर बताई गई है. ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने कहा, "भारत के लगातार खराब प्रदर्शन से पता चलता है कि सरकार छोटे और बड़े हर स्तर पर भ्रष्टाचार से निपटने में नाकाम हो रही है. भ्रष्टाचार के गरीबी, अशिक्षा और पुलिस कार्रवाइयों पर असर से दिखता है कि देश की अर्थव्यवस्था भले ही बढ़ रही हो लेकिन साथ ही असमानता भी बढ़ रही है." संस्था के मुताबिक 50 से ज्यादा देशों का अतिभ्रष्ट की सूची में होना चिंता का विषय है.

वीके/एके (एएफपी, रॉयटर्स)

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