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विज्ञान

उम्र बढ़ने के साथ चेहरे नहीं भूलेंगे आप: स्टडी

क्या आपको भी लगता है कि उम्र बढ़ने के साथ चेहरे पहचानने की क्षमता कम हो जाती है? वैज्ञानिकों का दावा है कि बढ़ती उम्र में भी हमारे मस्तिष्क का वह हिस्सा सक्रिय रहता है जो चेहरे की पहचान करता है.

हाल में किए गए एक अध्ययन के मुताबिक, चेहरे की पहचान करने वाला मानव मस्तिष्क का हिस्सा वयस्कों में भी विकासशील रहता है. इस अध्ययन ने उन वैज्ञानिकों को जरूर हैरत में डाल दिया है जिन्हें अब तक लगता था कि चेहरे को पहचानने वाले मानव मस्तिष्क के ऊतक (टिशू) का विकास बचपन में ही रुक जाता है. स्टैनफर्ड विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान के प्रोफेसर कैलनिट ग्रिल के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने बच्चों और वयस्कों के दिमाग पर एक नई प्रकार की इमेजिंग तकनीक का इस्तेमाल कर इसकी जांच की. इस जांच में सबसे अधिक ध्यान सेरेबरल कॉरटेक्स पर दिया गया. सेरेबरल कॉरटेक्स ही दिमाग का वह हिस्सा होता है जो चेहरा पहचानने में मुख्य भूमिका निभाता है.

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शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में यह दिखाया है कि चेहरे की पहचान करने वाले दिमाग के इस हिस्से में एक खास तरह का सेल्यूलर मेकअप होता है. साइंस पत्रिका में छपे एक अलग अध्ययन में शोधकर्ताओं ने विस्तार से बताया कि उन्हें दिमाग के इस हिस्से में बेहद सूक्ष्म संरचानएं मिली हैं, जो बच्चे के वयस्क होने के साथ बदलती जाती हैं. व्यक्ति की पहचानने की शक्ति भी इसी ऊतक के विकास पर निर्भर करती है और शायद यही कारण है कि वयस्क, बच्चों के मुकाबले ज्यादा बेहतर ढंग से चेहरे पहचान पाते हैं.

इस शोधपत्र को तैयार करने वाले प्रमुख लेखक जेसे गोमेज ने बताया कि यह ऊतक बढ़ रहा है. उन्होंने कहा, "तमाम लोग दिमाग के इस ऊतक को लेकर यही धारणा बनाए हुए हैं कि उम्र बढ़ने के साथ यह ऊतक भी खत्म हो जाएगा लेकिन हमने अपने अध्ययन में ठीक इसके उलट पाया है जिसके मुताबिक जो कुछ भी बाकी रह जाता है उसका भी विकास होता है."

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इस अध्ययन में कुल 47 लोगों को शामिल किया गया था, जिनमें से 22 बच्चे, 5 से 12 साल की उम्र के थे. जिन 25 वयस्कों को इसमें शामिल किया गया था उनकी उम्र करीब 22 से 27 वर्ष के बीच रही होगी. शोधकर्ताओं के नतीजों के मुताबिक फ्यूसीफॉर्म गायरस में पाया जाने वाला सेरेबरल पदार्थ वयस्कों में बच्चों की तुलना में 12.6 फीसदी अधिक रहता है, यह दिमाग का वही हिस्सा होता है जिससे इंसान को चेहरे पहचानने का ज्ञान होता है.

हालांकि वैज्ञानिकों ने जगह की पहचान करने वाले दिमाग की हिस्से की भी जांच की लेकिन उसके आकार में उम्र के साथ कोई बदलाव नहीं आता.

एए/वीके (एएफपी)

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