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दुनिया

गुजरात में अब कैशलेस मिलेगा राशन

गुजरात भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने सार्वजनिक जन वितरण प्रणाली पीडीएस में कैशलेस सिस्टम लागू कर दिया है. अब लाभार्थी आधार कार्ड दिखाकर राशन ले सकते हैं.

केंद्रीय खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने कहा है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थी गुजरात में अपना आधार कार्ड दिखाकर सस्ते दामों पर मिलने वाला राशन ले सकते हैं. खाद्य मंत्रालय के अनुसार पूरे देश में 81 करोड़ लोग खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ ले रहे हैं.

पासवान ने एक बयान में कहा है, "गुजरात में 31 मार्च की समयसीमा से पहले ही राशन की 17,250 दुकानों पर आधार कार्ड से भुगतान करने की व्यवस्था को लागू करने के राज्य सरकार के प्रयास सराहनीय हैं."

पासवान ने कहा, "कैशलेस व्यवस्था से इस योजना के तहत लाभ उठाने वालों की पहचान की पुष्टि करने में मदद मिलेगी और राशन की दुकानों के स्तर होने वाली धोखाधड़ी को रोकना आसान होगा और सबसे अहम इससे पीडीएस व्यवस्था में भ्रष्टाचार को खत्म करने में मदद मिलेगी."

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कैशलेस लेन देन को बढ़ावा देना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं में शामिल है. उनके मुताबिक नोटबंदी के उनके फैसले का मकसद भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना और अर्थव्यवस्था को कैशलेस बनाना है.

इसी साल जनवरी में पासवान ने राज्यों के खाद्य मंत्रियों के साथ एक बैठक कर देश भर में पीडीएस व्यवस्था में कैशलेस लेन देन को लागू करने पर जोर दिया था. ज्यादातर राज्यों ने इस पर अपनी सहमति दी और इसके लिए 31 मार्च तक की समयसीमा तय की गई.

गुजरात कैशलेस व्यवस्था को लागू करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है. राज्य सरकार का कहना है कि पीडीएस केंद्रों पर राशन के अलावा जल्द ही बस, रेल और हवाई टिकट भी कैशलेस तरीकों से खरीदे जा सकते हैं. इसके अलावा बिजली और पानी के बिलों का भुगतान भी कैशलेस तरीके से करना संभव होगा.

गुजरात के खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मंत्री जयेश रडाडिया ने कहा, "लाभार्थी अपना मोबाइल बिल चुका सकेंगे, किसान अपने फसल बीमा और जीवन बीमा का प्रीमियम दे सकेंगे. इतना ही नहीं, वे सॉइल हेल्थ कार्ड भी ले सकते हैं और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए पंजीकरण भी करा सकते हैं."

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