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दुनिया

तनाव के बीच तुर्की के दौरे पर जर्मन विदेश मंत्री

जर्मन विदेश मंत्री जिगमार गाब्रिएल तुर्की के दौरे पर हैं. तुर्की के एक एयरबेस पर दोनों देशों में तनाव है, जहां तैनात जर्मन सैनिकों से जर्मन सांसदों को नहीं मिलने दिया गया था.

तुर्की पिछले साल अपने यहां हुए विफल तख्तापलट में शामिल होने के आरोपी सैनिकों को जर्मनी में शरण दिए जाने से नाराज है. माना जाता है कि इसी कारण से उसने जर्मन सांसदों को अपने देश के इनचिरलिक हवाई ठिकाने तक नहीं जाने दिया था. चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के तहत जर्मनी के लगभग 270 सैनिक इस हवाई बेस पर तैनात हैं. इन्हें जर्मनी अब जॉर्डन ले जाने के बारे में विचार कर रहा है.

तुर्की में दो जर्मन पत्रकारों को जेल में डाले जाने से भी दोनों देशों के बीच तनाव है. जर्मन अखबार 'डी वेल्ट' के पत्रकार डेनिस युचेल फरवरी से जेल में हैं जबकि अनुवादक मिसाले टोलु कोरलु को एक महीने से कैद में रखा गया है. ये दोनों उन 160 मीडियाकर्मियों में शामिल हैं, जिन्हें तुर्की ने जेल में बंद कर रखा है.

वहीं, इस साल के शुरू में तुर्की के कई मंत्रियों को जर्मनी में रैली करने की अनुमति न दिए जाने से भी तुर्की की सरकार नाराज है. तुर्की में राष्ट्रपति को व्यापक अधिकार देने वाले जनमत संग्रह की प्रचार मुहिम के दौरान तुर्क मंत्री जर्मनी में रहने वाले अपने देश के लोगों का समर्थन हासिल करने के लिए ये रैलियां करना चाहते थे.

जिगमार गाब्रिएल सोमवार को अंकारा में तुर्की के विदेश मंत्री मेलवुत चावुसोल्गू राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोवान से मिलेंगे. अपनी यात्रा से पहले जर्मन विदेश मंत्री ने तुर्की के साथ संबंध सामान्य होने की उम्मीद जतायी थी, जबकि तुर्की के प्रधानमंत्री बिनाली इल्दरिम ने कहा कि उन्हें भी संबंधों के वापस पटरी पर लौटने का इंतजार है.

नाकाम तख्तापलट के बाद मीडिया और विपक्षी कार्यकर्ताओं पर सख्ती को लेकर तुर्की और यूरोपीय संघ में दूरियां बढ़ी हैं. इसके अलावा तुर्क राष्ट्रपति को मिली नई शक्तियों से तुर्की में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होने की आशंकाएं भी जतायी जा रही हैं.

एके/आरपी (एपी, डीपीए)

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