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दुनिया

एक कॉलोनी, जहां सारे बलात्कारी रहते हैं!

पश्चिमी फ्लोरिडा में पैलेस मोबाइल होम पार्क ऐसे 120 लोगों की कॉलोनी है जिन्हें यौन अपराधों के लिए सजा हो चुकी है.

सोडियम लाइटिंग, चमकदार पेंट और ट्रेलर्स का काफिला. यह अमेरिका में किसी भी ट्रेलर पार्क का नजारा हो सकता है. लेकिन ऐसा नहीं है. यह एक अलग तरह का ट्रेलर पार्क है. यहां रहने वाले लोगों की वजह से. यहां के सभी लोग कभी न कभी सेक्स अपराधी रहे हैं.

पश्चिमी फ्लोरिडा में पैलेस मोबाइल होम पार्क ऐसे 120 लोगों की कॉलोनी है जिन्हें यौन अपराधों के लिए सजा हो चुकी है. शहर से लगभग निकाल दिए गए इन लोगों में बलात्कारी हैं, बच्चों के साथ यौन अपराध करने वाले हैं और इंटरनेट पर यौन अपराध करने वाले भी. इन सभी को सामुदायिक सुविधाएं दी गई हैं. साझे थेरेपी सेशन होते हैं और सब लोगों का बस एक ही सपना है, एक दिन समाज इन्हें स्वीकार कर लेगा.

एक दशक से ज्यादा पुराने इस पार्क में रहने वाले लोग कहते हैं कि उनमें से किसी को भी दोबारा सजा नहीं हुई है. इस बारे में पर्वर्ट पार्क नाम की एक फिल्म सनडांस फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई जो जुलाई में अब अमेरिकी टीवी चैनल पीबीएस पर दिखाई जानी है. फिल्म की निर्देशक स्वीडन की फ्रीडा बार्कफोर्स हैं. उन्होंने और उनके पति लासे ने मिलकर यह फिल्म बनाई है. लासे डेनमार्क के रहने वाले हैं. फ्रीडा कहती हैं, "ये ऐसे अपराध हैं जिनके बारे में बात करना अक्सर बहुत ज्यादा दर्दनाक होता है. अगर हम यौन हिंसा के दुष्चक्र को तोड़ना चाहते हैं तो फिर हमें उसके बारे में बात करनी होगी. यौन अपराधियों की जिंदगी पर बात करनी होगी फिर चाहे वह कितना ही मुश्किल क्यों न हो." सिर्फ अमेरिका में आठ लाख लोग हैं जिन्हें यौन अपराधों में सजा हुई है. पिछले पांच साल में देश में यौन अपराध 15 फीसदी बढ़े हैं.

'द पैलेस' नाम की इस जगह को 1996 में नैंसी मोराएस ने बसाया था. मोराएस का बेटा एक यौन अपराधी था और उसे रहने को कोई जगह देने को तैयार नहीं था. तब मोराएस ने यह जगह बसाई. फ्लोरिडा का कानून कहता है कि यौन अपराधी ऐसी किसी जगह के पास भी नहीं जा सकते जहां बच्चे हों. इसलिए एक-एक करके यौन अपराधी 'द पैलेस' में बसते चले गए. यहां रहने वालों की उम्र 25 से 88 वर्ष के बीच है. सब के पांवों में ऐंकल ब्रेसलेट्स हैं जिनसे उनकी आवाजाही पर नजर रखी जाती है. साल में दो बार उन्हें थाने में हाजरी लगानी होती है.

इन तस्वीरों से जानें, क्यों होते हैं रेप

'परवर्ट पार्क' इन लोगों की जिंदगियों पर संवेदनशीलता के साथ रोशनी डालती है. कई लोगों की कहानियां यहां से शुरू होती हैं कि पहले उन्हें यौन हिंसा झेलनी पड़ी, जिसके बाद वे खुद यौन अपराधी बन गए. लेकिन सबसे ज्यादा व्यथित करने वाली कहानी ट्रेसी हचिन्सन की है. वह 'द पैलेस' में रहने वाली अकेली महिला हैं. उनके साथ उनके पिता ने रेप किया था. उनकी मां के बॉयफ्रेंड्स ने भी उनके साथ रेप किया. और फिर उन्हें सेक्स की लत लग गई. जिसके बाद उन्होंने अपने चचेरे भाइयों तक से सेक्स किया. 11 साल की उम्र में उनका अबॉर्शन हुआ. बड़े होने के बाद उनके और उनके पिता के बीच सहमति से संबंध बनते रहे. फिर उन्हें इंटरनेट पर एक आदमी मिला, जिसने अजीब पेशकश की. उसने अपने आठ साल के बेटे के साथ सेक्स करने की एवज में पैसा देने की पेशकश की. हचिन्सन ने हां कर दी. हचिन्सन का 13 साल का बेटा भी अपनी मां के नक्श ए कदम पर चला. उसने तीन साल के बच्चे के साथ रेप किया. अब हचिन्सन कहती हैं, "नहीं, मैं कोई पीड़ित नहीं हूं. बस इतना है कि काश मैं अपनी शुरुआती जिंदगी की मुसीबतों पर बात कर पाती."

फिल्म सवाल करती है कि क्या इन लोगों को दूसरा मौका मिलना चाहिए.

वीके/आईबी (एएफपी)

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