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विज्ञान

फेसबुक ऐसे बदल देगा आपके जीवन का सच

इस सदी की सबसे लोकप्रिय खोजों में से एक फेसबुक ने साफ कर दिया है कि उसका मिशन अब स्मार्टफोन के कैमरों से ऑगमेन्टेड रियलिटी की खिड़कियां खोलना है.

कंपनी चाहती है कि लोगों के हाथ में जो गैजेट्स पहले से हैं, उन्ही की मदद से वो उन्हें ऑगमेन्टेड रियलिटी की दुनिया दिखा सके और इसके लिए उन्हें आंखों पर लगाये जाने वाले किसी हाई टेक गियर का इंतजार ना करना पड़े.

सिलिकॉन वैली में अपने सालाना डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस की शुरुआत करते हुए, फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने कहा कि स्मार्टफोनों का कैमरा ऑगमेन्टेड रियलिटी दिखाने के लिए संभावनाओं से भरा एक शुरुआती प्लेटफॉर्म है. इसकी मदद से ऐसे फीचर्स दिखाये जा सकते हैं, जो सोशल मीडिया से तालमेल बिठा सकें.

जकरबर्ग ने कहा, "मुझे भरोसा है कि हम अब इस ऑगमेन्टेड रियलिटी प्लेटफॉर्म को लेकर आगे बढ़ेंगे." उन्होंने भविष्यवाणी की कि इसी तकनीक को आगे चल कर आंख के चश्मे में फिट कर दिया जाएगा. जकरबर्ग ने बताया कि कैसे डिजिटल पौधे, जानवर, मुखौटे और भी बहुत कुछ बड़ी आसानी से किसी असली दृश्य में जोड़े जा सकेंगे. आपके स्मार्टफोन के कैमरे से ऐसा नजारा दिखेगा, जैसे लोगों को पोकेमॉन गो जैसे खेल खेलते समय दिखता है. पोकेमॉन गो में लोगों को अपने आस पास के असल माहौल में एनीमेटेड जीव दिखायी देते हैं.

जकरबर्ग के शब्दों में, "ऑगमेन्टेड रियलिटी असली और डिजिटल को एक बिल्कुल नये अंदाज में मिला कर रख देगा." अब तक फेसबुक वर्चुअल रियलिटी पर फोकस कर उसे नये कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने पर ध्यान दे रहा था. वे खासतौर पर रिफ्ट हेडगियर के इस्तेमाल पर केंद्रित थे, जिसे फेसबुक की ही ऑक्यूलस यूनिट बनाती है.

ऑगमेन्टेड रियलिटी के टूल विशेषज्ञों को तो पसंद आये लेकिन उनके आम यूजर के हाथ में पहुंचने में अभी समय लगेगा. जैकडॉ रिसर्च एनेलिस्ट इयान डॉसन बताते हैं, "फेसबुक काफी देर से ऑगमेन्टेड रियलिटी और इससे जुड़ी तकनीकों की दुनिया में आया है. अब लगता है कि वे इस बारे में गंभीर हैं और स्नैपचैट जैसे एप्लीकेशनों को चुनौती देने की कोशिश करेंगे."

स्नैपचैट एक साल पहले ही गायब होने वाले संदेश भेजने का फीचर ले कर आया था. चेहरे पर तरह तरह के एनीमेटेड किरदारों जैसे मुखौटे लगाकर चैट करना भी स्नैपचैट ही लेकर आया. स्नैपचैट ने ठीक इसी समय "पेंट द वर्ल्ड अराउंड यू इन 3डी" भी इन्ट्रोड्यूस किया. फेसबुक के भी इस तकनीक में छलांग लगाने के साथ अब ऑगमेन्टेड रियलिटी में बड़ी कंपनियों के बीच यूजर्स के दुनिया के सच को बदल कर दिखाने की होड़ लग गयी है.

आरपी/एमजे (एएफपी)

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