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दुनिया

कांग्रेस के लिए तो सब बुरा ही बुरा है

एग्जिट पोल के नतीजे असली नतीजे नहीं होते इसलिए इनसे निकले मुहावरे कितने असरदार होंगे, कहना नहीं चाहिए. फिर भी, जनता का मन जानने की उत्सुकता तो बनी ही रहती है. दो दिन बात करने के लिए कुछ तो चाहिए.

जनता का मूड समझ में आ जाए तो फिर लोकतंत्र काहे का! चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल यही कह रहे हैं. वहां केरल, तमिलनाडु और असम में सरकार विरोधी रुख नजर आ रहा है, लेकिन पश्चिम बंगाल में नहीं. असम में बीजेपी का उदय हो रहा है लेकिन लेकिन केरल में नहीं. वामपंथियों पर केरल में लोग भरोसा जताते प्रतीत हो रहे हैं लेकिन पश्चिम बंगाल में नहीं. इतने विरोधाभास हैं कि आप नतीजे निकालते रहिए, एक कोई सिरा जनता आपको पकड़ाने से रही, सिवाए एक बात छोड़कर. कांग्रेस साफ है.

एग्जिट पोल अगर सच होते हैं तो केरल में कांग्रेस से सत्ता छिन रही है. असम में तो 15 साल के राज के बाद कांग्रेस ऐसे जा रही है कि उसकी जगह उसकी धुर विरोधी बीजेपी आ जाएगी. तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी कांग्रेस का कोई नामलेवा नहीं होगा.

हां, कांग्रेसी कह सकते हैं कि तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में डीएमके के साथ उसका गठबंधन था लेकिन नतीजे दिखा रहे हैं कि तमिलनाडु में कड़ा मुकाबला है और जयललिता की एआईएडीएमके हारती भी है तो उसका श्रेय करुणानिधि ले उड़ेंगे.

केरल में बीजेपी ने पूरा जोर लगाया है लेकिन वहां से तो एग्जिट पोल कुछ अच्छी खबर उसके लिए नहीं लाए हैं. लेकिन पूर्वोत्तर में पहली बार सरकार बनने की आहट ने बीजेपी की बांछें खिला रखी हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को असम में बड़ी जीत हासिल हुई थी. उस वक्त के हिसाब से 126 विधानसभा सीटों में से उसने 69 पर जीत हासिल की थी. अब एग्जिट पोल भी कुछ वैसे ही नतीजे आते दिखा रहे हैं. एबीपी-निलसन उसे 128 में से 81 सीटें दे रहा है, तो इंडिया टुडे-एक्सिस 79-93 सीटें दिखा रहा है. सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले न्यूज-एक्स और चाणक्य के सर्वे में तो उसे बंपर 90 सीटें दी गई हैं. बीजेपी के लिए असम की जीत इसलिए भी अहम होगी क्योंकि एक यही राज्य था जहां उसका दावा सबसे मजबूत था.

एग्जिट पोल ममता बनर्जी के लिए सबसे अच्छी खबर लाए हैं. लगभग सभी चुनाव बाद सर्वेक्षणों ने पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी टीएमसी को बहुमत दिखाया है. एबीपी-निलसन (178), न्यूजएक्स-चाणक्य (210), इंडिया टीवी-सीवोटर (163-171) और इंडिया टुडे-एक्सिस (233-253) के एग्जिट पोल्स में तो ममता को टक्कर देने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है. कांग्रेस और लेफ्ट के गठबंधन को सबसे ज्यादा सीटें इंडिया टीवी-सीवोटर के सर्वे में मिली हैं वे भी सिर्फ 112-128. पश्चिम बंगाल में बहुमत के लिए 147 सीटें चाहिए.

सबसे कड़ा मुकाबला तमिलनाडु में दिखाया गया है जहां इंडिया टीवी – सीवोटर के सर्वे ने एआईएडीएमके की वापसी की बात कही है. इसके मुताबिक जयललिता 135 से 143 के बीच सीटें हासिल करने में कामयाब रहेंगी जबकि डीएमके को 74 से 82 के बीच सीट मिलेंगी. लेकिन इंडिया टुडे–एक्सिस और न्यूज एक्स-चाणक्य ने डीएमके को बहुमत दिया है. इनके मुताबिक डीएमके को 124 से 140 के बीच सीटें मिलेंगी. सरकार बनाने के लिए चाहिए 118 सीटें.

केरल में एग्जिट पोल जरा भी उलझन में नहीं दिखाई देते. वहां एलडीएफ को सबने सरकार बनाने के लिए जरूरी 71 से ज्यादा सीटें दी हैं, यानी कांग्रेस की कुर्सी जाएगी.

वोटों की गिनती 19 मई को होनी है.

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