विकलांगों की जिंदगी में क्रांतिकारी बदलाव की राह | विज्ञान | DW | 10.01.2017
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विज्ञान

विकलांगों की जिंदगी में क्रांतिकारी बदलाव की राह

विकलांग लोगों के लिए तकनीक से बड़ा सहारा कोई नहीं है. तकनीक उन्हें सशक्त कर रही है और उनकी शारीरिक कमी को दूर करने में मददगार भी साबित हो रही है.

अमेरिका के लास वेगस में कंन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो में ऐसी कई युक्तियां नजर आईं जो विकलागों के लिए बनाई गई हैं. इन्हीं में ब्रेनरोबोटिक्स भी है, जिसे मैसाचुसेट्स की एक कंपनी ने बनाया है. इस कंपनी को हार्वर्ड से पढ़े बिचेंग हान ने शुरू किया है. हान कहते हैं कि उनकी कंपनी का मकसद विकलागों को सस्ते और ज्यादा उपयोगी नकली अंग उपलब्ध कराना है. फिलहाल बाजार में जो डिवाइस उपलब्ध हैं, वे दसियों हजार डॉलर की आती हैं जबकि ब्रेनरोबोटिक्स तीन हजार डॉलर से भी कम में उपलब्ध कराने का दावा करती है. रोबोटिक्स इंजीनियर कास्पर पुचिडलोवस्की कहते हैं कि उनका बनाया नकली बाजू अगले साल तक बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा. वह कहते हैं, "उनका बनाया बाजू सबसे ज्यादा कुदरती है. यह एक एल्गोरिदम का इस्तेमाल कर मांसपेशियों का विश्लेषण करता है और फिर हाथ से होने वाले काम करता है. मसलन किसी चीज को पकड़ना या उंगली से इशारा करना."

देखिए, गैजेट्स जो रखें हमारा ख्याल


पुचिडलोवस्की कहते हैं कि इस बाजू से काम लेना इतना आसान है कि अगर किसी व्यक्ति की 50 फीसदी मांसपेशियां काम कर रही हैं तो वह सिर्फ एक महीने में इस बाजू का सटीक इस्तेमाल सीख सकता है, वह भी अपने घर में रहकर.

ब्रेनरोबोटिक्स चाहती है कि आने वाले समय में मस्तिष्क की तरंगों का इस्तेमाल करके विकलांगों के लिए और बेहतर चीजें बनाई जाएं. इस काम में उसकी सहयोगी कंपनी ब्रेनको जुटी हुई है. ब्रेनको के कुछ उत्पाद पहले ही बाजार में हैं. इनमें एक हेडबैंड भी है जो कमजोर बच्चों के लिए ध्यान बढ़ाने में मददगार साबित हो रहा है.

तस्वीरों में: इन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों में होता है सोना

इसी तरह दृष्टिहीन या कमजोर नजर वाले लोगों के लिए भी कई तरह की तकनीकें विकसित हो रही हैं. इस्राएली कंपनी ऑरकैम की डिवाइस माईआई को चश्मे के साथ जोड़ा जा सकता है. इसके अंदर एक कैमरा लगा है जो चीजें देखता है और व्यक्ति के कान में फुसफुसाकर उसका वर्णन कर देता है. यह कैमरा लिखे हुए को पढ़ सकता है और वह लोगों और चीजों को भी पहचान सकता है. आईवाई को बेचने का काम फ्रांस की विशाल चश्मा कंपनी एसिलोर कर रही है.

डेनमार्क की कंपनी ओटिकन ने अपना नया हियरिंग एड लास वेगस में पेश किया है. यह हियरिंग एड घर की चीजों के साथ काम करता है. वायरलेस ब्लूटुथ टेक्नॉलजी का इस्तेमाल कर यह घर में होने वाली आवाजों के बारे में उन लोगों को बता सकता है जो सुन नहीं सकते. जैसे कि दरवाजे की घंटी बजने पर या स्मोक डिटेक्टर के बजने पर यह मरीज को बता देगा.

वीके/एके (एएफपी)

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