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विज्ञान

संक्रमित से सेक्स करने से भी नहीं होगा एड्स

एक ऐसी दवा खोज ली गई है जिसे लेने के बाद एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति से सेक्स करना सुरक्षित हो जाएगा.

एचआईवी से लड़ाई में यह खोज बड़ी कामयाबी साबित हो सकती है. एक ऐसी दवा तैयार कर ली गई है, जिसे रोजाना खाने से एचआईवी पॉजिटिव शख्स से सेक्स करने के बावजूद एड्स नहीं होगा. इसी हफ्ते जारी हुई इस रिसर्च से अफ्रीका में एड्स के खतरे की सबसे ज्यादा आने वाले लोगों के लिए राहत की खबर हो सकती है.

केन्या और युगांडा के एक हजार से ज्यादा जोड़ों ने इस रिसर्च में हिस्सा लिया. दो साल तक चली इस परियोजना में हिस्सा लेने वाले एचआईवी पॉजिटिव पार्टनर्स ने दवा ली. इस दवा को ऐंटिवायरल थेरेपी कहा जा रहा है. एचआईवी नेगेटिव पार्टनर ने प्रि-एक्सपोजर प्रोफिलेक्सिस की डोज ली. वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में काम करने वाले और इस प्रोजेक्ट के मुख्य शोधकर्ता जैरेड बेटन ने बताया, "इस समूह से एचआईवी का पूरी तरह सफाया हो गया. ऐसे 95 फीसदी मामले थे जिनमें हमें लगा था कि एचआईवी हो सकता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ."

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दक्षिण अफ्रीका के डरबन में हुई इंटरनेशनल एड्स कॉन्फ्रेंस के दौरान इस रिसर्च के नतीजों का ऐलान किया गया. दक्षिण अफ्रीका में दुनिया के सबसे ज्यादा ऐसे लोग रहते हैं जो एचआईवी के साथ जी रहे हैं. यहां इनकी तादाद 68 लाख है. पूरी दुनिया में तीन करोड़ 67 लाख एचआईवी पॉजिटिव लोग हैं.

बेटन ने कहा कि यह रिसर्च ऐसे लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होगी जिनका पार्टनर एचआईवी पॉजिटिव है और वे बच्चे पैदा करना चाहते हैं. उन्होंने बताया कि सालभर का प्रि-एक्सपोजर प्रोफिलेक्सिस का खर्च 100 डॉलर तक होगा. बेटन कहते हैं कि जोड़ों के लिए यह काफी अहम चीज है. उन्होंने कहा, “ऐसी चीजों को कपल्स बहुत अहमियत देते हैं क्योंकि उनके लिए परिवार बनाना और रिश्ते कायम रखना बहुत जरूरी होता है.”

वैसे यह दवा पहले से ही अमेरिका में इस्तेमाल हो रही है. ऐसे लोग जिन्हें एड्स का खतरा ज्यादा होता है, मसलन समलैंगिक इस दवा का काफी इस्तेमाल कर रहे हैं. बेटन कहते हैं कि इस वजह से सैन फ्रैंसिस्को में एचआईवी की दर घटी है. यहां काफी संख्या में समलैंगिक रहते हैं.

एड्स का इतिहास जानते हैं आप?

केन्या और दक्षिण अफ्रीका समेत दुनिया में अभी सिर्फ सात ऐसे देश हैं जिन्होंने इस दवा को मंजूरी दी है. इंटरनेशनल एड्स सोसाइटी के अध्यक्ष क्रिस बेयरर ने बताया, "अब हमारा ध्यान इस बात पर होगा कि इस दवा को कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाए. हम उम्मीद कर रहे हैं कि दुनिया में अब इस दवा की उपलब्धता का युग शुरू होगा." केन्या ने तो ऐलान किया है कि यह दवा ऐसे लोगों को मुफ्त उपलब्ध होगी जिनका पार्टनर एचआईवी पॉजिटिव है या जिन्हें एड्स होने का खतरा औरों से ज्यादा है, जैसे कि समलैंगिक. इसके अलावा, जो लोग पहले से ही एचआईवी पॉजिटिव हैं उन्हें ऐंटिवायरलथेरेपी मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी. देश में जिन नए लोगों को एचआईवी पॉजिटिव संक्रमण होता है उनमें से 44 फीसदी शादीशुदा होते हैं और उन्हें अपने एचआईवी पॉजिटिव जीवनसाथी के साथ संबंध बनाने की वजह से ही संक्रमण होता है. केन्या में 15 लाख एचआईवी संक्रमित लोग हैं.

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