1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

अभी से स्मॉग की चादर में लिपटी दिल्ली

दिल्ली में मंगलवार की सुबह जब लोगों ने आंखें खोली तो शहर स्मॉग की चादर में लिपटा था. दुनिया में सबसे प्रदूषित राजधानी के तौर पर बदनाम दिल्ली की हवा में प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है.

दिल्ली में अमेरिकी दूतावास की वेबसाइट पर कहा गया है कि हवा में प्रदूषण के महीन तत्वों पीएम2.5 का स्तर 703 तक जा पहुंचा है जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है. पीएम2.5 के 300 तक पहुंच जाने को ही अधिकारी खतरनाक की श्रेणी में रखते हैं, लेकिन दिल्ली में तो यह स्तर दोगुना से भी ज्यादा हो गया है.

सेंट्रल दिल्ली में सवेरे सवेरे टहलने निकले एक बैंक कर्मचारी नरेश यादव कहते हैं, "जैसे मैं घर से निकला तो खांसने लगा और मेरी आंखों में एकदम से जलन होने लगी." उनका कहना है, "अकेले सरकार इस समस्या को हल नहीं कर सकती. लोगों को भी इसमें हाथ बंटाना होगा और पर्यावरण को सुरक्षित बनाने में सरकार की मदद करनी होगी."

दिल्ली में सर्दियों से पहले अचानक हवा की गुणवत्ता खराब होने लगती है क्योंकि ठंडी हवा प्रदूषण फैलाने वाले तत्वों को जमीन के आसपास ही रखती है और इससे वे पर्यावरण में जज्ब नहीं होते. इसके अलावा सर्दियों से पहले दीवाली पर पटाखों का धुआं, डीजल इंजनों का धुआं, कोयले से चलने वाले पावर प्लांट और औद्योगिक उत्सर्जन दिल्ली की आबोहवा को खराब कर देते हैं. यहीं नहीं, दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में किसान खेतों में फसल के बाद बचे उसके अवशेषों को जलाते हैं जिनका धुआं दिल्ली की मुश्किलें बढ़ाता है. हालांकि आधिकारिक रूप से इस पर प्रतिबंध है, लेकिन उस पर अमल होता नहीं दिखता.

मंगलवार को सुबह ट्विटर पर #smog टॉप ट्रेंड में था. कई लोगों ने इस समस्या से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की. एक ट्विटर यूजर ने स्मॉग की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, "दिल्ली-एनसीआर में यह हवा की क्वॉलिटी का हाल है! भयानक!" कांग्रेस नेता अजय माकन ने भी फोटो ट्वीट कर स्मॉग की वजह पूछी है.

पिछले साल भी प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंचने के कारण दिल्ली में स्कूलों का बंद करना पड़ा था. 2014 विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दिल्ली को दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी करार दिया था, जहां वायु प्रदूषण चीन की राजधानी बीजिंग से भी ज्यादा है.

लांसेंट पत्रिका में पिछले महीने छपी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 2015 के दौरान प्रदूषण के कारण 25 लाख लोगों की जानें गयी हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है. पिछले हफ्ते ही पर्यावरण पर निगरानी रखने वाली संस्था ने दिल्ली में सभी डीजल जेनेरेटरों और शहर के इकलौते कोयला बिजली प्लांट को बंद करने का आदेश सुनाया.

एके/एनआर (एएफपी)

DW.COM

संबंधित सामग्री