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दुनिया

जेल की रोटी खानी हो तो इस रेस्तरां में पहुंचिए

दक्षिण अफ्रीका की जिस जेल में नेल्सन मंडेला ने सात साल गुजारे थे, उसके अंदर एक रेस्तरां है. इस रेस्तरां में आम जनता भी नाश्ता और दोपहर का खाना खाने आ सकती है. यहां का खाना बनाने और परोसने का काम कैदी ही करते हैं.

जेल की रोटी खानी पड़ेगी... इस जुमले से अब पड़ेगी शब्द हटा सकते हैं क्योंकि जेल की रोटी आप बड़े प्यार से जाकर खा सकते हैं. दक्षिण अफ्रीका में. केप टाउन की उस मशहूर जेल में आप खाना खा सकते हैं, जहां पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला बंद थे. नारंगी कपड़े पहने कैदी यहां आपको खाना परोसेंगे. यह खाना बनाया भी पोल्समूर जेल के इन्हीं कैदियों ने है. इस रेस्तरां का नाम है इडालनाथी.

यह रेस्तरां निकला है कैदियों के लिए चलने वाले ट्रेनिंग प्रोग्राम से. कैदियों को व्यवहारिक कौशल सिखाए जाने को लेकर जेल में यह कार्यक्रम चल रहा है. इसका मकसद है कि कैदियों को ऐसी ट्रेनिंग दी जाए कि जेल से निकलने के बाद उन्हें काम मिल सके और वे समाज की मुख्य धारा में शामिल हो सकें. खाना बनाना सीखते सीखते अब कैदी इतना अच्छा खाना बनाने लगे हैं कि उनका रेस्तरां खोल दिया गया है.

देखिए, मंडेला की वह जेल

इडालनाथी दुनिया का पहला ऐसा रेस्तरां नहीं है जो जेल में चल रहा है. इटली के वोलतेरा और अमेरिका के मैसाचुसेट्स में कॉनकर्ड जेल में भी यह प्रयोग किया जा चुका है. ब्रिटेन में भी चार जेलों में ऐसे रेस्तरां चल रहे हैं. लेकिन इडालनाथी खास है क्योंकि पोल्समूर जेल ऐतिहासिक है. शांति दूत नेल्सन मंडेला से इसका नाम जुड़ा है.

इडालनाथी का मतलब है, हमारे साथ खाइए. यह रेस्तरां भीड़भाड़ वाली जेल के बीचोबीच स्थित है. इस जेल में कभी देश के सबसे खतरनाक कैदी भी बंद थे. आज भी यहां आठ हजार से ज्यादा कैदी हैं. इसलिए खाना खाने वाले मेहमानों की सघन तलाशी होती है. हर कार को इस तलाशी से गुजरना पडता है. एक बार में लगभग 50 मेहमान खाना खा सकते हैं. खिड़कियों पर भारी भरकम लाल पर्दे लगे हैं ताकि बाहर न देखा जा सके.

इनसे मिलिए, ये हैं तिहाड़ जेल के कलाकार

रेस्तरां बहुत सस्ता है. ढाई डॉलर में आप अच्छा खासा नाश्ता कर सकते हैं. पानी, जूस और सॉफ्ट ड्रिंक्स भी मिलते हैं लेकिन अल्कोहल और मीठा नहीं मिलता है. हां इन कैदियों की जिंदगी जरूर सुधर गई है. वेटर की ट्रेनिंग ले रहा क्लेमेंट खुश है. वह कहता है कि कुछ नया तो सीखने को मिल ही रहा है, जेल में नीरस जिंदगी से भी छुटकारा मिल गया है और अब वक्त जल्दी गुजर जाता है. 29 साल का क्लेमेंट चोरी के लिए दो साल की जेल काट रहा है. वह कहता है कि रेस्तरां में काम करना जेल में घूमने से ज्यादा सुरक्षित है. उसके शब्दों में, "जेल में जो भी बकवास होती है, हम उसमें शामिल नहीं होते. यहां काम करते हुए मैं ज्यादा सुरक्षित महसूस करता हूं."

वीके/एके (डीपीए)

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