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दुनिया

बढ़ती आबादी के लिए चीन ने कर ली हैं बड़ी तैयारियां

चीन अपने यहां अस्पतालों में 89 हजार नए बेड जोड़ने की तैयारी में है. साथ ही एक लाख 40 हजार नए स्वास्थ्यकर्मियों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है. इनमें नर्सों के अलावा बच्चों के डॉक्टर भी बड़ी तादाद में हैं.

एक बच्चे की नीति में छूट देने के बाद चीन में स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा है. सरकारी मीडिया के मुताबिक इस दबाव से निपटने के लिए देश ने तैयारी शुरू कर दी है.

चीन अपनी बूढ़ी होती जनसंख्या के कारण चिंतित है. इसलिए 2015 में एक बच्चे की नीति खत्म कर दी गई. इसके तहत सभी माता-पिता दो बच्चे पैदा कर सकते हैं. लेकिन इसके चलते स्वास्थ्य, प्राथमिक शिक्षा और अन्य सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है. बच्चों से जुड़ी सारी सेवाओं की मांग में हुई बढ़ोतरी अब नजर आने लगी है. इसके तहत 2016 से 2020 के बीच पूरा करने के लिए एक पंचवर्षीय योजना तैयार की गई है.

तस्वीरों में: चीन के पांच सिर दर्द

 

इस योजना के तहत चीन ने 2020 में 44.5 लाख नई नर्सें तैयार करने का लक्ष्य बनाया है. योजना में कहा गया है कि चीन की आबादी बूढ़ी हो रही है इसलिए आने वाले पांच साल में जनसंख्या से जुड़ी समस्याएं नजर आने लगेंगी. बढ़ता शहरीकरण और कई इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की मांग और सप्लाई में अंतर भी इसी का नतीजा होगा.

देश को उम्मीद है कि 2020 तक औसत आयु में भी एक साल की बढ़ोतरी हो सकती है और अब लोग औसतन 77.3 साल तक जिंदा रहेंगे. 2015 में देश की आबादी 1.37 अरब थी जिसके 2020 तक बढ़कर 1.42 अरब हो जाने का अनुमान है.

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चीन अपने यहां शिशु मृत्यु दर में भी कमी का लक्ष्य तय किए हुए है. 2015 में यह दर हर एक लाख बच्चों पर 20.1 थी. 2020 तक इसे 18 पर ले आने का लक्ष्य है. 2016 से 2020 के बीच कैंसर और डायबीटीज जैसी बीमारियों से होने वाली मौतों में भी 10 फीसदी तक कमी होने का अनुमान है.

वीके/एके (रॉयटर्स)

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