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दुनिया

आम चुनाव से पहले मैर्केल की पार्टी की बड़ी कामयाबी

जर्मनी के सबसे बड़े राज्य नॉर्थ राइन वेस्टफालिया में चांसलर मैर्केल की सीडीयू पार्टी ने सत्ताधारी सोशल डेमोक्रेट्स को मात दे दी है. सितंबर में होने वाले आम चुनावों से पहले सीडीयू की इस जीत को बहुत अहम माना जा रहा है.

आधिकारिक अंतरिम चुनावी नतीजों के अनुसार रविवार को हुए प्रांतीय चुनाव में मैर्केल की क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन ने 33 प्रतिशत मत हासिल किये हैं जबकि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी को 31.2 प्रतिशत मतदाताओं का समर्थन मिला. एसपीडी को नॉर्थ राइन वेस्टफालिया में 2012 में हुए पिछले चुनाव के मुकाबले सात प्रतिशत कम वोट मिले हैं.

सितंबर में होने वाले आम चुनावों में एसपीडी की तरफ से चांसलर पद के उम्मीदवार मार्टिन शुल्त्स ने नतीजों पर निराशा जतायी है. उन्होंने कहा, "यह एसपीडी और खासकर मेरे लिए मुश्किल दिन था. हमें बुरी हार का सामना करना पड़ा है." नॉर्थ राइन वेस्टफालिया को एसपीडी का गढ़ माना जाता है.

वहीं उद्योग की करीबी समझी जाने वाली एफडीपी पार्टी को 12.6 प्रतिशत वोट मिले हैं, जो पिछले चुनाव से कहीं ज्यादा हैं. इसके अलावा धुर दक्षिणपंथी एएफडी पार्टी भी पहली बार राज्य विधानसभा में दाखिल होगी, जिसे 7.4 प्रतिशत मतदाताओं का समर्थन मिला है. इस तरह देश की कुल 16 विधानसभाओं में से 13 में पार्टी के प्रतिनिधि मौजूद होंगे.

अभी एसपीडी के साथ मिल कर राज्य में सरकार चला रही ग्रीन पार्टी को जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ा है और उसका समर्थन घटकर 6.4 प्रतिशत रह गया है. वहीं वामपंथी डी लिंके पार्टी विधानसभा में प्रवेश पाने के लिए जरूरी पांच प्रतिशत वोटों के आंकडे को भी न छू सकी और उसे सिर्फ 4.9 प्रतिशत मत हासिल हुए.

सीडीयू नेता और राज्य के संभावित अगले मुख्यमंत्री आरमिन लाशेट ने कहा, "यह नॉर्थ राइन वेस्टफालिया के लिए बहुत बड़ा दिन है." उनके मुताबिक, "हमने अपने दो लक्ष्य हासिल कर लिये हैं: पहला एसपीडी-ग्रीन गठबंधन को हराना और दूसरा राज्य में सबसे मजबूत पार्टी बनना."

रविवार को हुए चुनाव में 65.2 प्रतिशत मतदान हुआ जो पांच साल पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा है. हार के बाद प्रांत की मुख्यमंत्री हान्नेलोरे क्राफ्ट ने राज्य में एसपीडी प्रमुख का पद छोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि वह इस हार की पूरी जिम्मेदारी लेती हैं.

रविवार को आये चुनावी नतीजों ने निश्चित तौर पर मैर्केल की सीडीयू पार्टी का हौसला बढ़ाया है जो सितंबर में होने वाले आम चुनाव की तैयारियों में जुटी है. वैसे इस साल के शुरू में सीडीयू ने जारलैंड राज्य में फिर से सत्ता हासिल की तो पिछले हफ्ते श्लेषविग-होल्सटाइन राज्य के चुनाव नतीजे भी उसी के हक में गए.

एके/एमजे (एपी, डीपीए, एएफपी)

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