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दुनिया

थ्री डी प्रिंटर से निकल रहे हैं बाइक, जूते और गहने भी

प्रिंटर से निकली मोटरसाइकिल, जो केवल दिखने में ही नहीं चलने में भी तेजतर्रार है. इस बाइक का नाम रखा गया है लाइट राइडर. यह 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है और इसका वजन 35 किलोग्राम है.

थ्री डी प्रिंटिंग तकनीक ने डिजाइन डेवेलपर्स की कल्पना को जैसे पंख लगा दिए हैं. ऐसा लगता है कि इंसान जिन चीजों की कल्पना कर सकता है, उसे थ्री डी प्रिंटर से छाप कर निकाल भी सकता है. सबसे नई रचना है ऐसे ही प्रिंटर से निकली मोटरसाइकिल, जो केवल दिखने में ही नहीं चलने में भी तेजतर्रार है. इस बाइक का नाम रखा गया है लाइट राइडर. यह 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है और इसका वजन 35 किलोग्राम है. फ्रेम सिर्फ 6 किलो का है और इसे 3डी प्रिंटर से बनाया गया है. लाइट राइडर इलेक्ट्रिक मोटर की मदद से चलती है.

इसे आजमाने वाले बैर्नहार्ड ग्रूबर कहते हैं कि यह मस्त करने वाला और हैंडलिंग में बहुत ही आसान है. ग्रूबर खुद हार्ली डेविडसन चलाते हैं जो 320 किलो की है. ई-मोटरबाइक 10 गुना हल्की है. संयोग से ग्रूबर को पता चला कि एयरबस के कंपाउंड में स्थित एपी वर्क्स में उनके साथियों ने क्या बनाया है और वह आजमाने आ पहुंचे. लाइट राइडर चलाकर उन्हें मजा आ गया. हालांकि इसे बनाने की शुरुआत बस मस्ती भरे विचार से हुई थी.

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आयडिया था एपी वर्क्स के नील्स ग्राफेन. वह बताते हैं, "ये विचार हमें क्रिसमस की पार्टी के दौरान आया. हमने निजी दिलचस्पी की वजह से पूछा कि ई-बाइक जैसा कुछ नहीं बनाया जा सकता है क्या! और ये आइडिया हमारे बॉस को इतना पसंद आया कि यह हमारी कंपनी का प्रोजेक्ट बन गया."

फिर ग्राफेन इसे तैयार करने में जुट गए. पहले तो कंप्यूटर पर डेवलप किया गया. एक अलगोरिद्म की मदद से लाइट राइडर की गणना की गई. इसका आधार यह डाटा था कि ड्राइव करने के दौरान मोटरसाइकिल पर क्या दबाव काम करता है. फिर इस आधार पर 3डी प्रिंटर में फ्रेम के टुकड़ों का सही मॉडल बनाया गया, एयरोनॉटिक्स टेक्नोलॉजी के लिए पेटेंट कराए गए अल्युमिनियम के मिश्रधातु का इस्तेमाल कर. अल्युमिनियम जैसा हल्का, टाइटन जैसा फौलादी. लेकिन धातु का सामान प्रिंट करने वाले 3डी प्रिंटर की भी सीमाएं हैं. ग्राफने बताते हैं कि छोटे छोटे टुकड़ों में प्रिंट निकालकर उन्हें वेल्डिंग के जरिये जोड़ा गया. ये टुकड़े बनाना और इसके बारे में सोचना कि इन्हें किस तरह जोड़ा जाए कि ये सुरक्षित हों, ये बहुत बड़ी चुनौती थी.

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बहुत से डिजायनर अब 3डी प्रिंटर का इस्तेमाल करते हैं. प्रिंटर से कुर्सी बनाना कोई समस्या नहीं है. गहने भी कंप्यूटर पर डिजायन किए जा सकते हैं और उसके बाद प्रिंट किए जा सकते हैं. मानने में वक्त लगता है लेकिन जूते बनाने का विचार भी काम कर सकता है. इस तरह स्टार्ट अप और बड़ी कंपनियां अपने आयडिया को जल्द और किफायती तरीके से मूर्त रूप दे सकते हैं. 3डी प्रिंट एक्सपर्ट योहान फॉन हैरवार्थ कहते हैं, "अब हम तेजी से प्रोडक्ट को बेहतर बना सकते हैं. इसके अलावा, और ये मेरे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, यदि आप नतीजे से संतुष्ट नहीं हैं, तो मैं कहूंगा कि प्रोडक्ट को नष्ट कर दीजिए. उसे फेंक दीजिए और नई शुरुआत कीजिए. आपका क्या नुकसान हुआ! शायद 30, 40 या 100 यूरो का. आप अपनी रचनात्मकता को खुला छोड़ सकते हैं."

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एकदम हल्के लाइट राइडर फ्रेम को प्रिंट करने के दौरान मिली जानकारी से नील्स ग्राफेन को विमानन तकनीक में भी प्रगति की उम्मीद है. वह कहते हैं, "हर किलोग्राम के लिए, जिसे आपको हवा में भेजना है, एयरलाइन को और आखिरकार ग्राहकों को रकम खर्च करनी पड़ती है. और यदि हम 3डी प्रिंटर जैसे प्रोडक्शन तरीकों के जरिये पुर्जों को हल्का बना सकते हैं, तो इसका मतलब यह होगा कि ग्राहकों को कम खर्च करना होगा."

3डी प्रिंटर से निकले मोटरबाइक की कीमत है 50,000 यूरो. 30 लोगों के ऑर्डर आ गए हैं. रोड पर उतरने का लाइसेंस पाने की प्रक्रिया चल रही है.

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