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दुनिया

अब बांग्लादेश में एक लड़की से चेहरे से उगने लगे पेड़

बांग्लादेश में दस साल की एक लड़की के चेहरे पर पेड़ की शाखों जैसे दिखने वाले मस्से उभर रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि सहाना खातून 'ट्री मैन सिंड्रोम' से पीड़ित पहली महिला हैं.

सहाना के चेहरे और कानों के पास ये मस्से उभर रहे हैं. ढाका मेडिकल कॉलेज में इस लड़की का इलाज हो रहा है. डॉक्टर अभी टेस्ट कर पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह लड़की भी ट्री मैन सिंड्रोम यानी एपिडर्मोडिसप्लासिया वेरुसीफोर्मिस नाम की त्वचा की विकृति से पीड़ित है. दुनिया भर में छह से भी कम लोग हैं जो इस बीमारी का शिकार हैं, लेकिन अभी तक कोई महिला नहीं है.

ढाका मेडिकल कॉलेज में बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख समांत लाल सेन का कहना है, "हमें ऐसा लगता है कि वह इस बीमारी से पीड़ित पहली महिला है.”

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सहाना के पिता मोहम्मद शाहजहां उत्तरी बांग्लादेश के एक गांव में मजदूरी कर पेट पालते हैं. वह बताते हैं कि लगभग चार महीने पहले उनकी बेटे के चेहरे पर पहली बार ऐसा मस्सा उभरा. उस वक्त उन्होंने ज्यादा चिंता नहीं की. लेकिन जब वह तेजी से बढ़ने लगा तो वह इलाज के लिए सहाना को ढाका लेकर आए.

मोहम्मद शाहजहां कहते हैं, "हम बहुत गरीब हैं. मेरी बेटी छह साल की थी, तब उसकी मां गुजर गई. मैं दुआ कर रहा हूं कि मेरी सुंदर बेटी के चेहरे से डॉक्टर पेड़ की इन शाखाओं को निकाल दें.” सहाना के एक डॉक्टर का कहना है कि उसमें यह बीमारी अभी ज्यादा आगे नहीं बढ़ी है और उम्मीद है कि वह जल्दी अच्छी हो जाएगी.

इसी अस्पताल में अब्दुल बाजनदार नाम के एक अन्य मरीज की इसी बीमारी का इलाज हो रहा है. उसकी 16 बार सर्जरी हो चुकी है. अब्दुल के हाथों और पैरों से इस तरह के कहीं ज्यादा बड़े मस्से निकलते हैं.

अब्दुल इस बीमारी से पीड़ित पहले बांग्लादेशी हैं. उनके हाथों में पांच किलो के ऐसे मस्से हो गए थे. उनकी बीमारी की खबरें जब मीडिया में आई तो प्रधानमंत्री शेख हसीना ने उनका मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की. दिसंबर के महीने में डॉक्टरों ने बताया कि अब्दुल दस साल में पहली बार अपनी पत्नी और बेटी को अपने हाथ से छू पाए हैं.

एके/वीके (एएफपी)

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