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दुनिया

आतंकी के रेप से पैदा हुए बच्चे की जान खतरे में

नाइजीरिया में बोको हराम के आतंकी रेप करके बच्चे पैदा करते हैं. अब उन बच्चों की कोई जिंदगी नहीं है. वे बस दुत्कार झेल रहे हैं क्योंकि उनकी रगों में आतंकी का खून है.

आयशा के बच्चे की जान खतरे में है. वह अपने बेटे को लेकर छिपती-बचती घूम रही हैं क्योंकि लोग उनके बेटे को जान से मार देना चाहते हैं. एक ने तो धमकी दी है कि पेट्रोल डाल कर जला देगा. लोग कहते हैं कि आतंकी का बेटा है, इसे खत्म कर दो. पर आयशा ने तो उसे जना है. वह उसे कैसे मर जाने दे! इसलिए भाग रही है.

28 साल की आयशा उमर को बोको हराम के आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था. एक साल तक अपनी कैद में रखा. कई बार गैंग रेप किया. और फिर वह प्रेग्नेंट हो गईं. फिर वह भाग निकलीं. पिछले साल वह अपनी गोद में एक बच्चा लिए नाइजीरिया के उस कस्बे में लौट आईं जहां उनका घर हुआ करता था. लेकिन आतंकियों की कैद से भागीं आयशा को अपने दो साल के उमर के साथ अपनों की आजादी से भी भागना पड़ा. गवोजा कस्बे में एक आदमी ने कहा कि उनके बेटे को मार देगा. अब वह अपने भाई के घर पर हैं. उन्होंने बताया, "उसने कहा कि अगर मैं अपने बच्चे को यहां से नहीं ले गई तो वह उसे पेट्रोल डालकर जला देगा. उसने कहा कि वह मेरे बच्चे को तब तक जलाएगा जब तक कि राख न हो जाए."

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जिस आदमी ने यह धमकी दी थी, उस पर आपको गुस्सा आ रहा है तो उसकी कहानी भी सुन लीजिए. उसके तीन बच्चे थे. आतंकवादियों ने तीनों को कत्ल कर दिया. लेकिन वह अकेला नहीं है जो किसी बोको हराम आतंकी के बेटे उमर को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है. आयशा को आसपास के कई लोगों ने साफ कह दिया था कि उसके बच्चे के लिए कोई जगह नहीं है. वह कहती हैं, "लोग मेरे बच्चे के साथ खेलना नहीं चाहते. वे उसे बोको हराम का बच्चा कहते हैं." वह बताती हैं कि उसे कोसने वाले ज्यादातर लोग वही हैं जिनके किसी अपने को बोको हराम ने मारा है.

तस्वीरों में, अफ्रीका में पैठ बनाता आतंकवाद

आयशा जैसी कितनी ही कहानियां नाइजीरिया में बिखरी पड़ी हैं. आतंकवादी लड़कियों को उठाकर ले जाते हैं. उनका रेप करते हैं. और वे बच्चे लेकर अपने घर लौट आती हैं. फिर, ना उनकी कोई जिंदगी होती है, ना उनके बच्चों की. यूनिसेफ और इंटरनेशनल अलर्ट नामक संस्था ने इस बारे में एक रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट के मुताबिक रेप से पैदा हुए इन बच्चों को और इनकी मांओं को दुत्कार ही झेलनी पड़ती है.

इन महिलाओं को भी संदेह की नजर से देखा जाता है. रिपोर्ट कहती है कि लोगों को डर है कि इन महिलाओं को आतंकियों ने अपने साथ मिला लिया है और वे घर लौटकर दूसरे लोगों को भर्ती कर सकती हैं. 2012 से अब तक बोको हराम ने लगभग दो हजार महिलाओं का अपहरण किया है. उनमें से सैकड़ों का रेप किया गया. बहुतों को ट्रेनिंग भी दी गई और खुदकुश हमलावर की तरह भी इस्तेमाल किया गया.

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नाइजीरिया में पिछले साल बनी नई सरकार ने बोको हराम के खिलाफ ऑपरेशन छेड़ रखा है. इसमें पड़ोसी देशों की भी मदद ली जा रही है. बोको हराम को उसके कई मजबूत इलाकों से खदेड़ा जा चुका है. लेकिन इससे आयशा और उमर जैसों की जिंदगी में कोई बदलाव नहीं आया है. देश में यूनिसेफ की प्रमुख रेचल हार्वे कहती हैं, "लोग मानते हैं कि बच्चों की रगों में दौड़ रहा बाप का खून एक दिन रंग दिखाएगा और वह अपने परिवार और समुदाय के खिलाफ हो जाएगा." अब सवाल यह है कि जिसे कोई अपनाएगा नहीं, वह कहां जाएगा!

वीके/एमजे (रॉयटर्स)

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