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दुनिया

अब चप्पलों पर गांधी बेच कर फंसी अमेजन

ऑनलाइन रीटेल कंपनी अमेजन राष्ट्रीय ध्वज के बाद अब चप्पलों पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीरों के इस्तेमाल को लेकर विवादों में है. इसके चलते सोशल मीडिया पर कंपनी की जमकर खिंचाई हो रही है.

ऑनलाइन रीटेल वेबसाइट अमेजन पर राष्ट्रीय ध्वज वाले पायदानों की ब्रिकी का मसला अभी थमा ही नहीं था कि अब अमेजन भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीरों वाली चप्पलों को लेकर फिर विवाद में उलझ गई. गांधी की तस्वीरों वालीं ये चप्पलें अमेजन पर 16 यूरो में बेची जा रही हैं.

इन चप्पलों की ब्रिकी को लेकर आम लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर खूब गुस्सा निकाला जा रहा है. जनता विदेश मंत्रालय से अमेजन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है. अमेजन की योजना दक्षिण एशियाई देशों में आने वाले सालों में पांच अरब डॉलर का निवेश करने की है.

भारत के आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने अमेजन को चेतावनी देते हुए कहा है कि भारतीय संवेदनओं के प्रति असहिष्णुता कंपनी के लिए जोखिम भरी साबित हो सकती है. रविवार को दास ने इस मसले पर ट्वीट भी किया था.

इस पूरे मसले को लेकर अमेजन की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना की जा रही है.

राजधानी के एक व्यापारी शरद शुक्ला ने कहा कि यह बिल्कुल अपमानजनक है. गांधी की तस्वीर चप्पलों पर कतई स्वीकार नहीं की जाएगी और सरकार को इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.

आम लोगों की तरह नेताओं ने भी अमेजन की आलोचना में कोई कमी नहीं छोड़ी है. विपक्षी दल कांग्रेस के कार्यकर्ता वरुण दास ने इसे अपमानजनक बताते हुए कहा कि पहले तो अमेजन ने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया और अब यह हमारे राष्ट्रपिता की तस्वीर का गलत इस्तेमाल कर रही है.

वहीं सत्ताधारी दल भाजपा ने भी इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और लोगों से इसका विरोध करने को कहा है. भाजपा प्रवक्ता शाइना एनसी ने साफ किया कि इस तरह का अपमान सहा नहीं जाएगा. पिछले हफ्ते हुए पायदान विवाद पर भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर लिखा था कि, "अमेजन को बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए. उन्हें ऐसे सारे उत्पाद फौरन हटाने होंगे जो हमारे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करते हैं." उन्होंने लिखा था, "अगर फौरी तौर पर ऐसा नहीं किया गया तो हम अमेजन के किसी अधिकारी को वीसा नहीं देंगे. जो पहले से दिए गए वीसा हैं वे भी वापस ले लिए जाएंगे."

मुरली कृष्णन/एए

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